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नगर पालिका की कई गलियां झाडू के लिए तरस रही

ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल 

प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नगर पालिका की गालियां झाड़ू के लिए तरस रही है। यहाँ  हम ये स्पष्ट कर दे की हम झाड़ू चुनाव चिन्ह की बात नहीं कर रहे। हम बात करा रहे है, सफाई के लिए फिराई जाने वाली झाड़ू की।

देखा जाय तो नगर पालिका में झाड़ू फिराने में सारे माहिर है। फिर बात सफाई अभियान की हो , पेयजल व्यवस्था की हो ,या प्रधान मंत्री आवास की या फिर नए सामान खरीदी की। बड़ी सफाई के साथ जनता द्वारा की गई सारी समस्याओं की शिकायतों में वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अपनी वाक् कुशलता से गुमराह कर शिकायतों की इतिश्री कर लेते है।

सवाल तो ये भी है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए आवंटित इतना भारी बजट है , तो आखिर खर्च कहाँ और कैसे होता है। जब पालिका क्षेत्र में अधिकाँश वार्डो में मुलभुत सुविधा देने के लिए दो बड़े प्रतिष्ठित उधोग की भी अपनी  जिम्मेदारी है। प्रतिवर्ष इनके द्वारा भी टेंडर कराये जाते है। उन्ही व्यवस्थाओ के लिए जिनके लिए नगर पालिका भी दावा करती है।

तो फिर झाड़ू के लिए वार्ड क्यों तरस रहे है…?  नालियां क्यों बजबजा रही है…? क्या ये पहले आप – पहले आप के  औपचारिकता की वजह से तो नहीं। दो घर का मेहमान हमेशा भूखा ही रह जाता है।

ये स्थिति एक वार्ड में नहीं सारनी के सभी वार्डो में है। जो भारत स्वच्छता अभियान को मुँह चिढ़ा रही है। तो क्या वर्षो से एक ही विभाग में जमे अधिकारी कर्मचारी व्यवस्था को प्रभावित कर रहे है। और यदि ऐसा है  तो यहाँ भी प्रशासन को झाड़ू फिराने की आवश्यकता है। हां ये बात अलग है की अभी आनेवाले दिनों में स्वच्छता अभियान में दिखावा करने बहुत से चेहरे सड़कों पर झाड़ू फिराते जरूर नजर आएंगे।

नोट -न्यूज सोर्स – वार्डो के वीडियो सर्वे के आधार पर।