दोषी 6 पुलिसकर्मियों से 20 लाख का जुर्माना एवं जांच अधिकारी पर 50 हजार का जुर्माना

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पिंटू तोमर ग्वालियर ब्यूरो (संभाग )

यूँ तो पुलिस के ऊपर भ्रष्टाचार और कस्टडी में मारपीट करने , मानव अधिकारों का हनन करने और बेवजह मुक़दमे कायम करने के आरोप लगते रहते है। किन्तु पुलिस की कार्य प्रणाली में कोई बदलाव नजर नहीं आता। पर ऐसी ही एक शिकायत पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है और फैसला सुनाया। जिसमे अब सरकार को दोषी 6 पुलिसकर्मियों से 20 लाख का जुर्माना वसूल करने एवं जांच अधिकारी पर 50 हजार का जुर्माना वसूल करने का आदेश दिया है। साथ ही पुरे मामले की सीबीआई जांच करने के भी आदेश दिए है।

बता दे की मामला है 10 अगस्त 2019 का है । जहाँ ग्वालियर जिले के बेलगढ़ा निवासी सुरेश रावत अपने खेत में खाद छिड़क रहे थे। इसी में दौरान पड़ोसी खेत मालिक खेमू शाक्य से कहासुनी हो गई । जिसके बाद में पुलिस ने सुरेश रावत को थाने में बैठा लिया। लेकिन घटना की रिपोर्ट नहीं लिखी।

सुरेश के बेटे अशोक रावत के अनुसार बेलगड़ा पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया। और 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की । यह भी कहा कि  पैसे नहीं दोगे तो सुरेश नहीं छूटेगा। तब वह अपने समधी मंगल सिंह के साथ बाहर खड़ा हाे गया। थाने के अंदर से मारपीट की आवाज आई तो मंगल सिंह दौड़कर अंदर गए। उन्हें पुलिसवालों ने रोक दिया। थोड़ी देर बाद पता चला कि सुरेश की हालत खराब हो गई है।

पुलिसकर्मी विजय सिंह राजपूत नीरज प्रजापति, विजय, अरुण मिश्रा सैनिक चच्चा ,धर्मेंद्र उसे मरी हुई अवस्था में उठाकर बाहर लाए। पुलिस की गाड़ी में रखकर भितरवार अस्पताल ले गए। उनके साथ मंगल सिंह और मैं भी गाड़ी में बैठकर भितरवार अस्पताल आए थे। जब भितरवार अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों ने उन्हें चेक किया तो मृत घोषित कर दिया।

अशोक ने अनुसार पुलिस ने सुरेश की मौत के बाद केस दर्ज किया। हमने पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया था । हत्या के केस में माननीय न्यायालय में  सुनवाई चल रही थी । और अब फैसला सुनाया  जिसमे अब सरकार को दोषी 6 पुलिसकर्मियों से 20 लाख का जुर्माना एवं जांच अधिकारी पर 50 हजार का जुर्माना वसूल करने का आदेश दिया है। साथ ही पुरे मामले की सीबीआई जांच करने के भी आदेश दिए है।