66 रुपये प्रतिदिन पर कार करवा रही है सरकार मध्य प्रदेश आशा आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ

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  • जीवन जीने लायक वेतन तो दे सरकार
  • मध्यप्रदेश की 8400 आशा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ताओं का आंदोलन
  • जिला मंडला की समस्त आशा कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ाते हुए आज भुख हड़ताल धरना प्रदर्शन किया ।

मंडला
वर्ष 2005 से आशा कार्यकर्ता शिशु स्वास्थ्य और मातृत्व स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य विभाग और नेशनल हेल्थ मिशन के लिए रीड की हड्डी की तरह कार्य कर रही हैं अभी हाल ही में आशा कार्यकर्ताओं की उत्कृष्ट कार्यशैली और कोविड-19 महामारी से निपटने तथा स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार से प्रभावित होकर विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने आशा कार्यकर्ताओं को ग्लोबल हेल्थ अवार्ड से सम्मानित किया है लेकिन मध्य प्रदेश की सरकार इतनी महंगाई के समय में भी आशा कार्यकर्ताओं के उत्कृष्ट कार्य व मेहनत को नजरअंदाज करते हुए मात्र ₹66 प्रतिदिन पर कार्य करवा रही है जबकि अन्य राज्यों जैसे आंध्रप्रदेश केरल महाराष्ट्र सिक्किम आदि में राज्य सरकार अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन देकर आशा कार्यकर्ताओं को ₹10000 की राशि तक प्रदान कर रही हैं ।

उल्लेखनीय है कि 24.06.2022 के आंदोलन के दौरान भोपाल प्रशासन की मध्यस्थता में संगठन की छह सदस्य डेलिगेशन कमेटी को नेशनल हेल्थ मिशन की पूर्व संचालिका एमडी छवि भारद्वाज से वार्ता कराई गई थी जिसमें मांग पत्र का विश्लेषण करने के बाद एमडी छवि भारद्वाज द्वारा आशा कार्यकर्ता को 10000 एवं आशा सहयोगिनी कार्यकर्ता को 15000 देने का प्रस्ताव रखा गया था आंदोलन से लेकर प्रशासन की मध्यस्थता में हुई बैठक तथा प्रस्ताव तक पूरे घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था लेकिन आज तक लागू नहीं किया गया है

मांग के पूरे ना होने के कारण सभी आशा कार्यकर्ता आज सड़क पर उतर आई है तथा उनका कहना है कि आशा तथा पर्यवेक्षकों के परिवार एवं भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए हमारी समस्याओं का निराकरण करने की सरकार कृपा करें ताकि हम भी समाज में सर उठाकर जी सकें ।