नेशनल लोक अदालत -एक दूसरे के गले में माला डालकर एक साथ रहने का किया वादा

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भैंसदेही से धनराज साहू की खास रिपोर्ट

माननीय चित्रेन्द्रसिंह सोलंकी अपर जिला न्यायाधीश भैंसदेही की न्यायालय में चल रहे पति- पत्नी के एक प्रकरण में लोक अदालत ने पति-पत्नी में समझौता करा कर फिर से घर बसाने में सफलता प्राप्त की है। लोक-अदालत में दी गई समझाईश पर पति- पत्नी द्वारा पिछले सारे शिकवे शिकायत भूलकर फिर से एक साथ रहने का वादा किया जिससे पुनः उनका घर बस गया। माननीय न्यायाधीश एवं विद्वान अधिवक्ताओं के समक्ष पति- पत्नी ने एक दूसरे के गले में माला पहनाकर एक साथ रहने का संकल्प लिया।


आवेदिका रश्मि निवासी रिलायन्स कालोनी भैंसदेही की शादी 06/12/2015 को मंगेश निवासी सरस्वती नगर अमरावती के साथ सम्पन्न हुई थी। किन्तु पति-पत्नि के मध्य विवाद होने से रश्मि द्वारा उसके पति मंगेश के साथ विवाह विच्छेद हेतु न्यायालय में वर्ष 2020 में मामला प्रस्तुत किया गया। जिस पर लगभग 01 वर्ष बाद 2021 में दोनो की आपसी सहमति से विवाह विच्छेद हेतु याचिका प्रस्तुत की गई । उस पर भी सहमति नहीं बनी। पुनः 2022 में याचिका प्रस्तुत की गई। जिस पर आवेदिका के अधिवक्ता श्री भोजराज कुम्भारे एवं खंडपीठ के सदस्यों के प्रयास से नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौता से अपना प्रकरण समाप्त कर फिर से घर बसाने के वचन के साथ एक-दुसरे के गले में वरमाला डालकर खुशी-खुशी अपने घर चले गये।

म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल के निर्देशन में दिनांक 12 नवम्बर 2022 दिन शनिवार को तहसील न्यायालय भैसदेही में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। भैंसदेही न्यायालय के प्रकरणों के निराकरण हेतु 3 खंडपीठों कमशः 23, 24 एवं 25 का गठन किया गया था। उक्त नेशनल लोक अदालत में खंडपीठ कमांक 23 पीठासीन अधिकारी माननीय चित्रेन्द्र सिंह सोलकी अपर सत्र न्यायालय भैंसदेही के न्यायालय में 14 प्रकरणो का निराकरण हुआ तथा मोटर व्हीकल क्लेम के प्रकरणों में 4250079/- रूपये का अवार्ड प्राप्त हुआ।


खंडपीठ कमांक 24 पीठासीन अधिकारी माननीया उषा उइके जी व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 भैंसदेही की खंडपीठ में 37 न्यायालयीन प्रकरणों का एवं 77 प्रीलिटीगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिसमें नगरपालिका संबंधी 76, बैंक संबंधी 1 प्रकरणों का निराकण हुआ। नगरपालिका के प्रीलिटीगेशन प्रकरणों में 95935/- रूपये समझौता राशि हुई। तथा बैंक के 1 प्रकरण में 16000/- रूपये समझौता राशि हुई।इसी प्रकार खंडपीठ कमांक 25 पीठासीन अधिकारी माननीय निकिता चौहान व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड भैंसदेही के न्यायालय में 20 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इस तरह भैंसदेही न्यायालय में लंबित विचाराधीन कुल 71 प्रकरणो तथा 77 प्रीलिटीगेशन प्रकरणों के साथ कुल 148 प्रकरणों का निराकरण हुआ। लोक अदालत को सफल बनाने में सभी अधिवक्तागणाे एवं कर्मचारीयों का पूर्ण सहयोग रहा।