जनसम्पर्क विभाग ने नियमितता के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर शुरू किया

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मनोहर

प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रेशन एक्ट में दिए गए प्रावधानों के आधार पर जनसम्पर्क संचालनालय मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं के पंजीयन का ऑनलाईन सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। नियमित रुप से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र, समाचार पत्रों के भोपाल संस्करण, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक तथा त्रैमासिक समाचार पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादकों को अंक प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर प्रकाशित अंक जनसम्पर्क कार्यालय में प्रस्तुत करना होंगे। निर्धारित अवधि के उपरान्त प्राप्त अंक ऑनलाईन साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं किए जा सकेंगे, जिससे समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमितता खंडित होगी तथा वे विज्ञापन के लिए अपात्र हो जायेंगे।

जनसंपर्क संचालनालय द्वारा तैयार किए गए ऑनलाईन साफ्टवेयर का प्रशिक्षण भोपाल से गुगल मीट के माध्यम से दिया गया। प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जनसम्पर्क अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालय से सहभागिता की। प्रतिभागियों को अपर संचालक श्री एच.एल. चौधरी ने सम्बोधित करते हुए ऑनलाईन साफ्टवेयर के प्रावधानों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि नियमित रुप से प्रकाशित होने वाले दैनिक समाचार पत्र, समाचार पत्रों के भोपाल संस्करण, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक पत्र-पत्रिकाओं की जानकारी साफ्टवेयर में अपलोड करने के लिए समस्त नियमित प्रकाशनों के सम्पादकों को अपने-अपने प्रकाशन के RNI रजिस्ट्रेशन नम्बर, RNI टायटल कोड की फोटोकॉपी, RNI रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटोकापी, RNI टायटल एलाटमेंट लेटर की फोटोकॉपी, प्रथम घोषणा पत्र की फोटोकॉपी, स्थापना/प्रकाशन प्रारंभ करने का वर्ष, GSTI नम्बर की फोटोकॉपी, पेन कार्ड की फोटोकॉपी, ई-मेल आई.डी., फोन/मोबाईल नम्बर, स्थाई पता एवं DPR के पेपर कोड की जानकारी हॉर्ड एवं सॉफ्टकॉपी में संबंधित जनसम्पर्क कार्यालय में अनिवार्य रुप से जमा करना होगी। प्राप्त हॉर्ड एवं साफ्ट कॉपी के आधार पर संबंधित कार्यालय, समाचार पत्रों का सभी डाटा साफ्टवेयर में अद्यतन करेंगे। समाचार पत्र सम्पादकों से उपरोक्त दस्तावेजों की एक-एक फोटो कॉपी तथा JPG एवं PDF फॉर्मेट में एक-एक सॉफ्टकॉपी (प्रत्येक सॉफ्टकॉपी की साइज 01MB से अधिक नहीं होनी चाहिए) 10 दिवस में जनसम्पर्क कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया गया है। दस्तावेज जमा करने के लिए निर्धारित प्रारुप जनसम्पर्क कार्यालय में उपलब्ध है।

नवीन प्रकाशन पंजीबद्ध कराने के लिए प्रकाशन का RNI नम्बर अनिवार्य है। RNI नम्बर प्राप्त होने के बाद शेष वांछित दस्तावेजों की जानकारी जनसम्पर्क कार्यालय से प्राप्त करना होगी। समस्त दस्तावेज प्राप्त होने पर ही नवीन प्रकाशन पंजीबद्ध किए जा सकेंगे।