डीओ और संकुल प्राचार्य की साजीश से उर्दू स्कूल बंद होने की कगार पर

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वरिष्ठ पत्रकार गगनदीप खेरे 

मुलताई। बैतूल जिले के मुलताई में हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला डीओ श्रीवास्तव एवं संकुल प्राचार्य बारपेटे की साजीश से बंद होने की कगार पर है।
हाल ही में हुए स्थानान्तरोंं में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने व्यापक  भ्रष्टाचार के दायरे में खूब मलाई मारी है। और मनमर्जी से रिविलिंग एवं ज्वाईनिंग करा रहे है। भ्रष्टाचार करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्थानान्तरण के पूर्व पोर्टल को अपडेट नहीं किया और अपनी मर्जी से तबादला करने के लिए पोर्टल पर सारे नियमों को तोड़ कर पोर्टल पर पोष्ट खाली दिखा दी। जबकि जिस शाला में जिस विषय के शिक्षक की आवश्यकता थी। वहीं रिक्त बताना था लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने व्यापक भ्रष्टाचार के दायरे में मनमर्जी से पोस्ट खाली दिखा कर स्थानान्तरण करवा दिये। जिससे शासन की मंशा अनुरूप शिक्षा विभाग जिस शाला में जिस विषय के शिक्षक की आवश्यकता थी उसे स्थानान्तरित नहीं कर पाया और शासन की स्थानान्तरण निती फेल हो रही है।
जब कई शालाओं में इस प्रकार की अनियमितताओं के मामले सामने आये तो रिविलिंग के बाद ज्वाईनिंग में परेशानी आने लगी। जिससे शिक्षा विभाग के आला अफसरों के भ्रष्टाचार में खलल पडऩे लगा। जिससे निजात पाने के लिए आनन फानन में शिक्षा विभाग के आला अफसरों ने एक आदेश जारी किया कि जो स्थानान्तरण हुए है उन्हे हर हाल में ज्वाइन कराया जाये। जिससे उनके भ्रष्टाचार की बकाया राशि उन्हे प्राप्त हो सके। इस प्रकार का मामला मुलताई के हिन्दी उर्दू शाला मुलताई का प्रकाश में आया है। जहां माध्यमिक शाला में 15 छात्रों पर 3 शिक्षक कार्यरत है। लेकिन इनमें उर्दू स्कूल होने के बाद भी उर्दू का शिक्षक नहीं है। शाला प्रबंधन समिति एवं स्टाप तथा जागरूक नागरिकों द्वारा कई बार इसकी बकायदा लिखित शिकायत की जा चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी डीओ श्रीवास्तव एवं संकुल प्राचार्य बारपेटे द्वारा पोर्टल पर उर्दू शिक्षक का पद रिक्त नहीं बताया उल्टा सामाजिक विज्ञान का पद रिक्त बता दिया जबकि उक्त शाला में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक हरीश पाटिल पहले से ही पदस्थ है।
इसके अलावा डीओ श्रीवास्तव ने व्यक्तिगत रूप से रूची लेकर सेमझिरा से एकल शिक्षक शाला से सामाजिक विज्ञान की एक शिक्षक का स्थानान्तरण हिन्दी उर्दू शाला में कर सारे नियम कायदे कानूनों को ताक पर रख कर, कर दिया तथा मुलताई के सारे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की आपत्ति के बाद भी रिलिव कर दिया और हिन्दी उर्दू शाला में ज्वाईनिंग कराने हेतु दबाव बना रहे है।
जबकि 15 छात्रों पर 4 शिक्षक की नियुक्ति होते ही इन्हे उर्दू माध्यमिक शाला मुलताई में उर्दू शिक्षक के आने की सारी संभावना समाप्त हो जायेगी और यहां पढ़ रहे 15 बच्चे जो उर्दू पढऩा चाहते है। उर्दू शिक्षक नहीं होने के कारण शाला त्याग देंगे और हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला हमेशा-हमेशा के लिए बंद होकर अतीत का पन्ना बन जायेगा। यहां पाठकों को ज्ञात हो मुलताई के कई स्कूलों में पद खाली है, लेकिन पोर्टल पर नहीं दिखाए है।
जबकि  हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला में उर्दू के शिक्षक की आवश्यकता होने के  बाद भी संकुल प्राचार्य बारपेटे एवं डीओ श्रीवास्तव ने हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला बंद करने के उद्देश्य से पोर्टल में हेर फेर कर हिन्दी उर्दू शाला को उर्दू का शिक्षक नहीं मिलने दे रहे है।
सारी बातें जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवांर के संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष राज पवंार ने डीओ श्रीवास्तव एवं संकुल प्राचार्य बारपेटे को हिन्दी उर्दू शाला मुलताई में सामाजिक विज्ञान के चौथे शिक्षक को ज्वाइन नहीं कराने के निर्देश दे दिये है। लेकिन शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारी भांती भांती के आडम्बर कर हिन्दी उर्दू माध्यकि शाला मुलताई मेंं उर्दू के स्थान पर सामाजिक विज्ञान का शिक्षक ज्वाइन कराने हेतु प्रयास कर रहे है।
जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों ने मामले की गंभीरता को समझ कर हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला मुलताई में सिर्फ उर्दू शिक्षक को ही स्थानान्तरित करना चाहिए जिससे हिन्दी उर्दू माध्यमिक शाला मुलताई बंद होने के बच सके।