कारवाही  की जद में आये पत्रकार और भाजपा नेता कुबेर डोंगरे ने मीडिया के सामने आकर रखाअपना पक्ष

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ब्यूरो रिपोर्ट

दीपावली की रात पुलिस द्वारा की गई जुए की कारवाही  की जद में आये पत्रकार और भाजपा नेता कुबेर डोंगरे ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कारवाही पर कई सवाल उठाये है। उनका कहना है कि मामले में उन्हें जबरन घसीटा गया है। जबकि दिवाली की रात 10 बजे पटाखे जलाने के बाद परिवार के सभी लोग घर पर थे। छोटा भाई अपने दोस्तों के साथ था। जब काफी देर तक वह आया नहीं तो। उसे देखने निकले थे घर के पीछे ही मोहल्ले में जब आवाजें आने लगी तो वो भी पंहुच गए। देखा तो वहां पुलिस दिखाई दी पत्रकार होने के नाते मौके पर पंहुचा। तो भाई दिखाई दिया जिसे वहां से घर चलने का कहा। लेकिन मुझे देख पुलिस का खेल बिगड़ गया था। दरअसल मोहल्ले के लडके वहां केंडल लाईट दिवाली की पार्टी कर रहे थे। दिवाली की रात पुरानी परम्परानुसार शगुन के तौर पर केवल मनोरंजन के लिए ताश खेलने का चलन है। जो जीत हार का खेल नहीं था। हम अपनी पुरानी संस्कृति, सभ्यता, परंपरा को जंजोय रखने के लिए कई ऐसी मान्यताओं को ना चाहते हुए भी निभाते है। जो जानते है कि  विधि सम्मत नहीं है। लेकिन समाज का हिस्सा है।

जब पुलिस सभी लड़कों को ले जाने लगी तो मै भी मुहल्ले के बच्चों को छुड़ाने  साथ थाने गया।  क्योकि उसमे मेरा छोटा भाई भी था। बस यही मेरा गुनाह हो गया। सुबह पता चला की मुझे भी आरोपी बनाया गया है। चूँकि पेशे से पत्रकार होने के नाते हमेशा सचाई  उजागर करता हूँ , वही भाजपा के प्रति निष्ठावान होने के साथ साथ अपनी टीम के साथ  पार्टी के लिए भी जी जान से हमेशा जुटा रहता हुं। यही बात कभी कभी   नागवार गुजरती है। जिस वजह से छोटे तबके से आने की वजह से ऐसी उपेक्षा का शिकार होता हूँ। लोगो ने मुझे मोहरा बना भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधने की कोशिश की है। नगर पालिका में भारी बहुमत से आने की  बात विरोधियो को हजम नहीं हो रही। लेकिन इनके मनसूबे कभी कामयाब नहीं होने वाले।  मै तो एक छोटा सा अदना सा कार्यकर्ता हूँ।  जब की देखा जाय तो इस पुरे मामले से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। फिर भी लोग सोशल मीडिया पर मुझे ले कर पार्टी पर अपनी भड़ास निकाल रहे है।

पुलिस ने बिना किसी जांच के मामले  में मुझे आरोपित किया है। जबकि साथ के सभी लड़के ये बात अपने बयान में कह चुके है। लेकिन पुलिस ने ना जाने क्यों बिना हमारा पक्ष जाने ये कारवाही की है। FIR की कॉपी लेने लोगों को थाने के चक्कर लगाने पड़ते है। लेकिन हमारी FIR सुबह तक सोशल मिडिया और शाम तक पुरे शहर में फ़ैल गई। हमारे नाम सहित वायरल किये गए। सोशल मिडिया के माध्यम से मिली कॉपी में जब गौर किया तो साक्षी यानी चश्मदीद गवाह जिन्हे बताया गया है। वो तो दूर दूर तक कही थे ही नहीं। कुबेर डोंगरे ने कहा है कि ऐसी ही FIR में कई विसंगतियां है।जिसका समय आने पर परत दरपरत  खुलासा करेंगे। पूरी कारवाही सवालों के घेरे में है। जिसकी जांच होनी चाहिए।

(नोट -खबर में सभी कथन कुबेर डोंगरे के है चैनल का इससे कोई सरोकार नहीं – ऑडियो वीडियो सुरक्षित है -संपादक )