मौसम ने ली करवट, रात में बढ़ी सिहरन, दो दिन में चार डिग्री लुढ़का पारा

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मध्यप्रदेश ⁄ भोपाल
Bhopal Weather News: मौसम ने ली करवट, रात में बढ़ी सिहरन, दो दिन में चार डिग्री लुढ़का पारा
वर्तमान में किसी मौसम प्रणाली के मौजूद नहीं रहने के कारण वातावरण शुष्क हो गया है। उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगी है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के असर से रात के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को शहर में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस
भोपाल। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने वेदर सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। इससे मप्र में भी मानसून निष्क्रिय हो चुका है। राजधानी भोपाल में वातावरण से नमी कम होने से बादल छंट गए हैं। आसमान साफ होने और हवाओं का रुख उत्तरी हो जाने से राजधानी में रात के पारे ने गोता लगा दिया। शुक्रवार को शहर का न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। यह पिछले 10 साल में ( 14 अक्टूबर का) का सबसे कम तापमान रहा। साथ ही यह गुरुवार के न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्रीसे. की तुलना में 3.4 डिग्रीसे. कम रहा। वहीं शनिवार को भी शहर का न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दिन के न्यूनतम तापमान के मुकाबले 0.4 डिग्री तथा सामान्य से 03 डिग्री सेल्सियस कम रहा। पिछले दो दिन में पारा 3.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है। हालांकि बादल छंटने से दिन में अच्छी धूप खिल रही है। लेकिन हवाओं का रुख उत्तरी होने से दिन में भी धीरे-धीरे सिहरन बढ़ने लगी है।
शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 30.3 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। साथ ही यह सामान्य के मुकाबले भी 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में किसी मौसम प्रणाली के मौजूद नहीं रहने के कारण वातावरण शुष्क हो गया है। उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगी है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के असर से रात के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज हुई है। रविवार को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
इस बार होगी जोरदार सर्दी
प्रदेश से मानसून की विदाई तो अब हो चुकी है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि इस बार ठंड अच्छी पड़ेगी और प्रदेश में ठंड लंबे समय तक रहने के आसार भी है. मौसम विभाग का कहना है कि ठंड के लिेये अलग-अलग सिस्टम ब्लैक सी, कैस्पियन सागर से होते हुए ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान के रास्ते प्रदेश में दस्तक देंगे. ये ट्रफ लाइन ऊपरी हवा के चक्रवात, कम दबाव के क्षेत्र के रूप में आते हैं और पश्चिम से पूर्व की तरफ जाते हैं, जिससे पहाड़ों पर अच्छी बारिश और बर्फबारी होती है, उसके बाद वहां से आने वाली बर्फीली और ठंडी हवा मध्यप्रदेश के मौसम को भी सर्द कर देती है. जिससे प्रदेश में जोरदार ठंड पड़ती है. पिछले साल भी प्रदेश में जोरदार ठंड पड़ी थी. जबकि इस बार भी अच्छी ठंड पड़ने के पूरे आसार है, क्योंकि तापमान में अभी से गिरावट शुरू हो गई है.