शरद पूर्णिमा पर्व पर सोलह कलाओं से परिपूर्ण नजर आएगा चंद्रमा, शहर के मंदिरो में हुआ विधि-विधान से भगवान लड्डू गोपाल का पूजन

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 संवाददाता सुनील यादव 

कटनी। अश्विन मास की शुक्ल पक्ष तिथि के दिन शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाता है शरद पूर्णिमा पर इस वर्ष विशेष संयोग बन रहा है जिस कारण इस पर्व का महत्व बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण नजर आता है जिसके दर्शन करना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है।

शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला दिन भी माना जाता है ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी भ्रमण पर निकलती हैं शरद पूर्णिमा पर्व के अवसर पर शहर के मस्तराम अखाड़ा स्थित सत्यनारायण मंदिर, आजाद चौक लक्ष्मी नारायण मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ भगवान के दर्शनों को उमड़ती रही और महिलाओं ने भगवान को खोवे के लड्डू का भोग लगाया इस पर्व में पूजन का विशेष महत्व है।

जिसमें महिलाओं द्वारा खोवे और शक्कर से लड्डू निर्मित किए जाते हैं जिसमें ग्वाल, गर्भवती स्त्री, विवाहित स्त्री, सखी, भगवान सतनारायण को लड्डू का भोग लगाया जाता है। शरद पूर्णिमा की कथा सुन महिलाएं भोग के रूप में भगवान को यह लड्डू अर्पित करते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं रात्रि के समय अमृत वर्षा का संयोग भी इस दिन बनता है। इसके साथ ही तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व शरद पूर्णिमा के दिन बताया गया है सुख समृद्धि की कामना का यह व्रत महिलाओं द्वारा रखा जाता है ।