दबंग शराबी दोषी पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही हेतु सारनी प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

Scn news india
ब्यूरो रिपोर्ट
गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन के नेतृत्व में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम दबंग शराबी दोषी पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही हेतु बेगुनाहों के पक्ष से पुलिस थाना सारनी प्रभारी को सौंपा ज्ञापन !!
विगत 30/9/2022 के रात्रि 8:30 बजे नगर पालिका परिषद् सारनी के वार्ड क्रमांक-01 के लक्ष्मी रेस्टोरेंट के समीप मोरडोंगरी रोड पर किन्हीं अन्य अज्ञात शरारती असामाजिक तत्वों के द्वारा वहाँ पर अज्ञात निवासरत् के मकान पर कभी -कभी पत्थर फेंकने की घटना घटित होने की शिकायत वहाँ के निवासरत् के द्वारा विगत बीते साल से पुलिस में की गई हैं, सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी अनुसार एक बार वहाँ पर संचालित लक्ष्मी ढाबा रेस्टोरेंट के मालिक को भी शक के बुनियाद पर थाने में पूछताछ के लिए बैठा लिया गया था,
लेकिन वास्तविक गुनेहगारों का पता लगाने में पुलिस प्रशासन सफल नहीं हों सका,एक सिरे से पुलिस भी यह मान रहीं हैं ! कि कहीं प्रेत आत्मा या फिर प्रेम प्रसंग का मामला हो सकता हैं, इस तरह की कवायद पुलिस प्रशासन भी तर्क लगा रहीं हैं!! जब कि तथ्यों को सामने लाने के लिए वहाँ पर निवासरत् फरियादी से पूछताछ किए बगैर ही राह चलते वार्ड के रहवासी मड़काकोल के युवकों को जबरन शक के बुनियाद पर शराब के नशे में धुत पुलिस कर्मियों ने संजय उर्फ भंगू को लक्ष्मी रेस्टोरेंट के पास पकड़कर गालीगलौच कर बर्बरता से मारपीट करने लगे, संजय पंडाल रामख्यानी स्टेडियम में सांस्कृतिक प्रोग्राम देखने जा रहा था, संजय अपने बचाव के लिए शारीरिक रूप से विकलांग पापा भंगू को फोन पर सूचना दी, लेकिन विकलांग होने की वजह से वह स्वयं चलकर नहीं आ सकता था!! तो वह अपने पड़ोसी आकाश को घटना स्थल तक चलने को कहा, आकाश भी साथ में लेकर गया, लेकिन आकाश व संजय के विकलांग पापा की एक भी बात शराबी पुलिस कर्मियों ने नहीं मानी, और विकलांग पापा भंगू को भी मारपीट करने लगे, इसी बीच आकाश ने बेगुनाहों के साथ मारपीट कर रहें, शराबी पुलिस कर्मियों की वीडियो रिकार्डिंग अपने मोबाइल फोन पर कर रहा था,
तो देवेंद्र प्रजापति नामक शराबी पुलिस कर्मी ने आकाश का मोबाइल छुड़ाकर फोड़ दिया,आकाश का भाई रामपाल अपने खेत जा रहा था, उसे भी पुलिस ने गाड़ी पर जबरदस्ती बैठाकर पुलिस थाने ले गए! और लाकप में बंद कर रात भर गंदी गंदी अर्मयादित भाषा से गाली गलौच कर डंडों व बेल्ट से बेगुनाहों के साथ रात भर मारपीट की गई,जिससे आकाश के पैर की ऊंगली फेक्चर हो गई, दूसरे दिन 12:00 बजे चारों बेगुनाहों के हाथों के फिंगरप्रिंट लिए गए, इसके बाद लगभग 3:00 बजे के आस-पास शराबी पुलिस कर्मी देवेंद्र प्रजापति के द्वारा चारों से यह कहा गया कि मैं तुम चारों को छोड़ रहा हूँ, लेकिन थाने के अंदर हुई मारपीट व कैद रखने के बारे में किसी को मत बताना नहीं! तो तुम चारों को चोरी और गांजे के केस में अंदर बंद करवा दूंगा, इस तरह के अमानवीय कृत्य करने वाले शराबी पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर निलंबित किया जाएं,पुलिस प्रशासन से आशा करते हैं, राह चलते राहगीरों को बिना अपराध सिद्ध हुए,दोषी करार देकर आरोपी बनाना संवैधानिकता के विरुद्ध हैं, इससे क्षेत्र में भय व अशांति का महौल बना हुआ हैं,,इधर थाना प्रभारी द्वारा आश्वासन दिया गया, कि इस तरह की घटना भविष्य में नहीं की जाएंगी साथ ही आरोपी शराबी पुलिस कर्मियों पर प्रशासनिक उचित कार्यवाही की जाएंगी, समस्त आदिवासी समुदाय मांग करता है! पुुलिस प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई संदेहास्पद हैं,,इस तरह कि अमानवीय कार्य करने वाले आरोपी शराबी पुलिस कर्मियों को निलंबन कर बेगुनाहों पर हुए अत्याचार का मान हानि का दावा (मामला) दर्ज कर निर्दोषों को उचित न्याय दिलाया जाएं!!!