अतिथि शिक्षक भोपाल में करेंगे 12 को शक्ति प्रदर्शन : पी.डी.खैरवार

Scn news india

ओमकार पटेल 
मंडला जिले के अतिथि शिक्षक भी भोपाल के नीलम पार्क में 12 अक्टूबर के आंदोलन में बड़ी संख्या बल के साथ सामिल होकर संख्या बल के साथ शक्ति प्रदर्शन करने तैयारी पूरी कर लिए हैं।
अतिथि शिक्षक परिवार मंडला से जिला अध्यक्ष पी.डी.खैरवार ने जानकारी दी है,कि प्रांतीय आवाहन पर प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक 12 अक्टूबर को नीलम पार्क में एकत्रित होकर नियमित रोजगार की लंबित मांग को लेकर सरकार के सामने सांकेतिक धरना देकर ध्यानाकर्षण चाहेंगे। जिसमें मंडला जिले से भी अतिथि शिक्षकों की संख्याबल इतनी होनी चाहिए कि इस दिन अतिथि शिक्षकों की जायज मांगों पर सरकार को कोई बड़ा फैसला लेने विवश होना पड़े,ऐसा नहीं होने की स्थिति में प्रदर्शन स्थल से ही बड़े आंदोलन का आगाज किये जाने की रूपरेखा तैयार की जा सके।आगे बताया गया,कि इस समय इस आंदोलन की सख्त आवश्यकता है।
सरकार ने पंद्रह वर्षों से अतिथि शिक्षकों को डिस्पोजल की तरह उपयोग कर फेंकते आने के अलावा कुछ और नहीं किया है।जिससे यह वर्ग इतना पीड़ित हो चुका है,कि सैकड़ों ने तो या तो आत्महत्या कर डालीं या फिर बिना मौत आए असमय ही मौत के घाट उतर गये हैं।अब ऐसी विकट परिस्थितियों के चलते अतिथि शिक्षक सरकार का और इंतजार करने काबिल नहीं बचा है। हद तो तब पार हो गई कि,सरकार ने अतिथि शिक्षकों के हित में कोई बेहतर निर्णय लेने से पहले 2022 में ट्रांसफर नीति और शिक्षक भर्ती नीति को पूरा कर हजारों अतिथि शिक्षकों को काम से अलग कर दिया है।मन इतने में भी नहीं भरा तो हाल ही के 19 सितंबर को जारी दो अलग-अलग आदेशों के अनुसार भी लगभग 18000 शिक्षकों के ट्रांसफर और 30000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चालू कर दी गई है। इन दोनों से अतिथि शिक्षकों की इतनी ही बड़ी संख्या फिर बेरोजगार कर दी जाएगी। जिससे मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षक नाममात्र के लिए बच जाएंगे। बेरोजगार कर दिये गये अतिथि शिक्षकों की संख्या लाखों में हो जाएगी।जो अपने अधिकारों के लिए कभी सामने आने की हिम्मत भी नहीं कर पायेंगे।इन सभी हालातों के चलते अपने पंद्रह वर्षों के त्याग और कार्यानुभव का लाभ लेने अब सरकार के साथ आमने सामने आने के अलावा कुछ और उपाय नहीं रह जाता है।
मंडला जिले सहित प्रदेश के सभी जिलों के बेरोजगार हो चुके और काम पर बने हुए सभी अतिथि शिक्षकों से अपील की गई है,कि 12 अक्टूबर को भोपाल नीलम पार्क संख्या बल में पहुंचकर लंबित मांग को मानने सरकार को विवश किया जाए।