सत्तापक्ष की उदासीनता से ठगने का अड्डा बना बैतूल का जिला अस्पताल – एक और कारनामा

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मनोहर भोपाल

बैतूल जिला अस्पताल का रिश्वत मांगने और सीजर ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत पर डॉ वंदना धाकड़ के निलंबन का मामला अभी सुर्खियों में ही है कि अब उनके डॉक्टर पति और सर्जन डॉ प्रदीप धाकड़ पर एक महिला ने पांच हजार रुपए मांगने के आरोप लगाकर जिला अस्पताल पर एक और दाग लगा दिया हैं। अब मामले की सच्चाई आज आने वाली जांच रिपोर्ट के बाद और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। यदि डॉ धाकड़ पत्नी की तरह दोषी पाए जाते है तो उन पर भी कार्यवाही तय मानी जा रही हैं। बता दे की इन दिनों प्रशासनिक लचर व्यवस्था से अस्पताल खुद बीमार सा लगने लगा है। वही सत्तापक्ष की उदासीनता और विपक्ष के  गैरजिम्मेदाराना रवैये से जिले के आमजन जो बड़ी उम्मीद ले कर अपनी जान बचाने जिला अस्पताल आते है। यहाँ ठगे जा रहे है।

निरिक्षण में मिली थी खामियां 

हाल ही में बनी जांच के लिए गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं सीईओ जिला पंचायत अभिलाष मिश्रा ने देर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन की क्लास ली थी । इस दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर के प्रसूता वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने एवं सिक्योरिटी गार्ड की नामौजूदगी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उक्त दोनों कर्मचारियों को बदलने के निर्देश दिए थे । साथ ही अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधार लाने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी को निर्देश देते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा को कारण बताओ नोटिस जारी करने को भी कहा था ।

सीजर आपरेशन के बाद हुई थी प्रसूता की मौत

जिला अस्पताल में सीजर आपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो जाने का मामला पुरे प्रदेश भर में चर्चा में रहा। जहाँ प्रसूता की मौत हो गई थी।  प्रसूता की मौत के बाद परिजन उसके शव को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए थे।  परिजनों ने जिला अस्पताल की महिला डॉक्टर पर 5 हजार रुपए की डिमांड करने का आरोप लगाया था।  परिजनों का कहना था  कि रुपए की डिमांड पूरी नहीं की गई।  इसलिए सीजर में हुई देरी के कारण महिला की मौत हो गई।  परिजनों ने दोषी महिला डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद डॉक्टर वंदना धाकड़ को निलंबित कर दिया गया।

महिला डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप 

महिला के परिजन के मुताबिक जिला अस्पताल की डॉक्टर वंदना धाकड़ द्वारा उनसे प्रसव के लिए 5000 रुपए की डिमांड की गई थी. गरीब परिस्थिति के लोग इतनी राशि का इंतजाम कराने के लिए परेशान होते हैं. इसके बाद भी डॉक्टर को उधार लाकर 5000 रुपए दिए गए. इसके बाद जब इलाज शुरू किया गया था , लेकिन सीजर आपरेशन के बावजूद प्रसव में देरी के कारण महिला की बच्चादानी फट गई और कुछ देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया. हालांकि नवजात की जान बच लिया गया था।