शहर में साफ होने लगा मौसम, दोपहर बाद कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना

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उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर पहुंच गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अब वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगी है। तापमान भी लुढ़क रहा है।
भोपाल । अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक नर्मदापुरम 35.8, मंडला में 35.6, रायसेन में 22.6, पचमढ़ी में 19.3, गुना में 14.6, भोपाल में 9.7, खंडवा में 7.4, खरगोन में 4.4, धार में 2.2, रीवा में 2.2, नरसिंहपुर में दो, शिवपुरी में दो, सागर में 0.9, इंदौर में 0.6, मलाजखंड में 0.4, उज्जैन में 0.4, ग्वालियर में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई। छिंदवाड़ा, सतना एवं जबलपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में सक्रिय चक्रवात अब राजस्थान चला गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगी है। शनिवार को राजधानी में भी बादल छंटने लगे हैं। इससे रात का तापमान भी लुढ़कने लगा है। हालांकि दोपहर के बाद तापमान बढ़ने की वजह से शहर में कहीं-कहीं वर्षा भी हो सकती है।
उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर पहुंच गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अब वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगी है। हालांकि राजस्थान से लगे ग्वालियर-चंबल संभागों के जिलों में शनिवार को भी वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के शेष जिलों में धीरे-धीरे मौसम अब साफ होने लगा है। बादल छंटने के कारण धूप भी निकलने लगी है। राजधानी में भी सुबह बादल बने हुए थे, लेकिन कुछ देर बाद धीरे-धीरे बादल छंटने लगे हैं और हल्की धूप भी निकल रही है। तापमान बढ़ने के कारण दोपहर के बाद कहीं-कहीं वर्षा भी हो सकती है।