एमडीएम रसोईया संघ ने सरकार को जगाने महिलाओं ने बजाई थाली-चम्मच

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 अटल सेना और बैतूल एमडीएम रसोईया संघ ने 10 सूत्रीय मांगों के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
बैतूल। अटल सेना और बैतूल एमडीएम रसोईया संघ के द्वारा अपनी 10 सूत्रीय मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व जिले की सैंकड़ों मध्यान्ह भोजन से जुड़ी महिलाएं शहीद भवन पर एकत्रित हुई। जहां से रैली निकालकर शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए नारेबाजी व अनोखे ढंग से विरोध करते हुए चम्मच से थालियों को बजाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां एसडीएम बैतूल को ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान गंज चौक पर 1 घंटे का धरना प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही गुरूवार को स्वसहायता समूह की अध्यक्ष की सड़क दुर्घटना में निधन हो जाने पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजली भी अर्पित की गई।
सरकारें सिर्फ करती हैं बातें
इस संबंध में अटल सेना के प्रांताध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि आज 7 रूपए में एक कप चाय नहीं आती है और सात रूपए में बच्चों को खाना खिलवाने का लक्ष्य दिया जा रहा है। रामकृष्ण हनोते ने कहा कि समूह कर्ज में डूब रहें हैं और सरकारें सिर्फ महिलाओं के उत्थान और महिला सशक्तिकरण की बातें करती हैं वास्तविकता कुछ और ही होती है। इस अवसर पर दीना खोड़के अटल सेना के युवा जिला अध्यक्ष आदर्श अग्निहोत्री, संदीप गुप्ता, श्रेयांश चौहान, ऋषि कमलेश हनोता कला बाई, श्यामवती धुर्वे, मीरा पवार, रेवती पाथ,कमलति महाकार, श्यामवती धुर्वे, दिलीप सिंह ठाकुर, लक्ष्मी चौहान, जोशी खेड़ी निर्मला तामसार, शांति बाई, सुनीता पाटणकर, निर्मला झाड़े सहित सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद थी। ज्ञापन में कहा गया है कि मांगे पूरी नहीं हुई तो संगठन राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करेगा।
संघ की यह थी मांगे
संगठन की रामकृष्ण हनोते ने बताया कि हमारी मुख्य मांगे मध्यान भोजन बना रही बहनों का मानदेय प्रतिमाह 9000 रू.कलेक्टर दर से दिया जाए, आंगनवाड़ी नास्ता-भोजन बना रही बहनो का वेतन प्रतिमाह 2000 हजार रूपए दिया जाए, प्राथमिक शाला प्रति बच्चा भोजन 15 रूपए से दिया जाए, माध्यमिक शाला प्रति बच्चा भोजन 20 रूपए से दिया जाए, प्राथमिक शाला प्रति बच्चा को खाद्यन्न 150 ग्राम दिया जाए, माध्यमिक शाला प्रति बच्चा को खाद्यन्न 200 ग्राम दिया जाए। ज्ञापन में मंाग की गई है कि मंहगाई दिनो-दिन बढती जा रही है। समूह कर्ज में डूब रहा है। समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। रूका हुआ पैसा शीघ्र दिया जाए।