मंत्रि-परिषद की बैठक – कई महत्वपूर्ण फैसले

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मनोहर

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में संशोधनों की स्वीकृति दी। संशोधन अनुसार ऐसे विद्यार्थियों को जिन्हें योजना में 1 बार लाभ प्राप्त हो जाने के बाद और आय की सीमा 6 लाख रूपये से अधिक होने पर भी पाठ्यक्रम के पूरे होने तक योजना के लाभ की पात्रता होगी। साथ ही “लेटरल एन्ट्री” के माध्यम से इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रदेश की केन्द्रीयकृत कॉमन मेरिट सूची में प्रथम 15 प्रतिशत में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एवं 10वीं और 12वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मण्डल से 70 प्रतिशत या सीबीएससी/आईसीएसई की परीक्षा 85 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी यदि आदेश में शामिल संस्थाओं के इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते है, तो ऐसे विद्यार्थी योजना के लिये पात्र होगें। ऐसे विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये जेईई मेन्स रेंक की बाध्यता नहीं होगी।

178 करोड़ से अधिक राशि से डामरीकृत सड़क की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने भरतपुर (भैसराहा) से गोविंदगढ़ व्हाया जिगना तक टू लेन विथ पेव्हड शोल्डर डामरीकृत सड़क (लंबाई 36 किलो मीटर एवं आंकलित निर्माण लागत राशि 178 करोड़ 62 लाख रूपये) का म.प्र. सड़क विकास निगम से विकास किया जाने का निर्णय लिया।

मोटर ड्राईविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने जिला दतिया में मोटर ड्राईविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MDTRI) की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी। स्थापना एवं संचालन के लिये संस्थान के अनावर्ती व्यय के रूप में 30 करोड़ रूपये एवं आवश्यक उपकरणों के क्रय के लिये 22 लाख रूपये, संस्थान के लिये प्रस्तावित वाहनों में से 1 तिहाई वाहनों की खरीदी के लिये प्रथम वर्ष में राशि 90 लाख रूपये तथा शेष राशि एक करोड़ 80 लाख रूपये आगामी 4 वर्षों में दिए जायेंगे। संस्थान के लिये  एक  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,  एक  निरीक्षक (जीडी),  एक  उप निरीक्षक (एमटी),  एक  उप निरीक्षक (जीडी), 3 आरक्षक (एमटी),  एक  आरक्षक (इलेक्ट्रीशियन),  एक  आरक्षक (मैकेनिक),  एक  आरक्षक (मशीनिस्ट), एक सूबेदार-अ/स्टेनो,  एक  एकाउंटेन्ट अ, एक  उप निरीक्षक-अ इस प्रकार कुल 13 पदों की स्वीकृति दी है। साथ ही संस्थान में आवर्ती व्यय के लिये प्रशासनिक व्यय 50 लाख 7 हजार रूपये, वाहनों को रेंट पर लिए जाने के लिये 50 लाख रूपये और आउट सोर्सिंग के लिये एक करोड़ रूपये (कुल 2 करोड़ रुपये) प्रतिवर्ष राज्य शासन द्वारा Block Grant के रूप में आगामी 4 वर्ष तक दिए जायेंगे।

मँहगाई भत्ता एवं राहत दरों का अनुसमर्थन

मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता एवं राहत की दर में एक अगस्त, 2022 (भुगतान माह सितम्बर, 2022 ) से 3 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर 34 प्रतिशत करने एवं राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत शासकीय सेवकों तथा राज्य शासन के उपक्रम, निगम, मण्डल तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत चौथे एवं पाँचवें वेतनमान में अनुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ते में वृद्धि का 18 अगस्त 2022 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया। मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 में पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत में वृद्धि के फलस्वरूप व्ययभार मध्यप्रदेश शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियत अनुपात में वहन किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की सहमति प्राप्त करने के बाद मंहगाई राहत का आदेश जारी करने के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।

कर्मचारियों को देय मंहगाई भत्ता में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 625 करोड़ रूपये का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है। पेंशनर/ परिवार पेंशनरों को छत्तीसगढ़ शासन से सहमति प्राप्त होने की स्थिति में मंहगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 304 करोड़ रूपये का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है।

उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व निर्मित 3 मार्गों सतना मैहर -उमरिया मार्ग एवं घनसौर मण्डला मार्ग को कंसेशन अनुबंध समाप्ति दिनांक एवं सीहोर इच्छावर कोसमी नसरूल्लागंज मार्ग को निर्माण पूर्णता के बाद उपभोक्ता शुल्क योजना में उपभोक्ता शुल्क संग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान की।

संविदा/आउटसोर्स सेवाएँ लेने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिये मानव संसाधन की भर्ती प्रक्रिया में गति लाने तथा नई तकनीकों में दक्ष आईटी विशेषज्ञों की सुगम उपलब्धता के दृष्टिगत निर्णय लिया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम अन्तर्गत संचालित (COE, PeMTS, MPSSDI,CPCT, Email-PMU,TCU,SDC, Security Audit Lab) परियोजनाओं में स्वीकृत पद परिवर्तित करते हुए संविदा अथवा आउटसोर्स से सेवाएँ ली जा सकेंगी।

परिसम्पत्तियों का निर्वर्तन

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की डालडा फैक्ट्री चुरहट जिला सीधी, म.प्र. स्थित परिसम्पत्ति पर स्थापित प्लांट एवं मशीनरी का स्क्रैप के रूप में निर्वर्तन करने के लिये एच-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 6 करोड़ 66 लाख रूपये का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद विक्रय अनुबंध की कार्यवाही राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा करने का निर्णय लिया गया।

निर्णय मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की वार्ड नं 25, तिलहन संघ का हाउस नं. एच.आई जी 34, जिला- देवास, स्थित भूमि एवं भवन परिसम्पत्ति देवास विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त है। उक्त परिसम्पत्ति का नजूल भूमि सर्वे नं. 440 / 1 कुल रकबा 10 हजार 190 वर्गमीटर में से 226.97 वर्गमीटर है, के निर्वर्तन के लिये एच-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा लीज परिसम्पत्ति के विक्रय पंजीकृत अनुबंध का संपादन तथा मध्यप्रदेश राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ द्वारा एच-1 निविदाकार के पक्ष में लीज अन्तरण तथा देवास विकास प्राधिकरण द्वारा अपने अभिलेखों में दर्ज कराये जाने का लिया।

मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया निर्णय कि राजस्व विभाग की वार्ड नं 36 ग्राम निपनिया, तहसील जूनी इंदौर, जिला इंदौर स्थित पार्सल क्रमांक 1 एवं 2 भूमि परिसम्पत्ति जिसका सर्वे नं. 72/1/1 पैकी रकबा क्रमशः 1810 वर्गमीटर एवं 1980 वर्गमीटर पार्सलों के निर्वर्तन के लिये आमंत्रित निविदा में निविदाकारों की वित्तीय निविदा राशि एवं ई. नीलामी में लगाई गई बोली राशि को उच्चतम पाए जाने से एच-1 निविदाकार उच्चतम निविदा राशि 11 करोड़ 6 लाख रूपये जो पार्सल-2 की उच्चतम निविदा राशि 9 करोड़ 11 लाख 64 हजार रूपये का अनुमोदन करते हुए उसे विक्रय करने एवं एच-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने जिला निवाड़ी में जिला पंजीयक कार्यालय के लिये पद निर्माण के लिये अनुमोदन दिया।