5 वर्षो के भीतर ही जर्जर हुई मॉडल स्कूल की भवन, अव्यवस्थाओं के बीच संचालित मॉडल स्कूल

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साबिर खान की रिपोर्ट 

मवई – जिला मुख्यालय मंडला से लगभग 100 किमी दूर स्थित वनांचल क्षेत्र मवई जहा विकास वैसे ही बहुत धीमी गति से पहुंचता है धीमी गति से क्षेत्र के विकास के लिए जन सुविधा के लिए शासन की योजना अगर कुछ होता है तो वो संबंधित विभाग के लापरवाही या अन्य तरीके की भ्रष्टाचारी के भेट चढ़ जाता है लगभग 5 वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से निर्मित मॉडल स्कूल मवई का भवन जर्जर स्थिति में पहुंचता जा रहा 2 मंजिला ये भवन आधे घंटे की बारिश में ऊपर मंजिल के कमरों में पानी से लबालब हो जाते है गुणवत्ता विहीन तरीके से बने इस भवन में बारिश के दौरान ऊपर मंजिल के कमरों में बैठना बहुत मुस्किल है पूरे भवन की दीवारों में जगह जगह दरारे नजर आने लगी है दीवारों को देखर डर बना रहता है को कब इनके प्लास्टर की परत छोड़ दे छत लगभग पूरा टपकता है जिससे बहुत जल्द आने वाले दिनों में भवन खराब होने की आशंका होने लगी है वनन्नचल क्षेत्र वैसे भी विकास से कोसों दूर है फिर भी शासन की योजना से कुछ निर्माण हुआ है वो भी गुणवत्ता हीन तरीके से संबंधित विभाग भी इस और समय रहते ध्यान नही दिया तो आने वाले दिनो में  मॉडल स्कूल खंडहर में तब्दील हो सकता है।

गंदगी का अंबार मॉडल स्कूल मवई में

मॉडल स्कूल भवन के चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है एक तरफ शासन प्रशासन बड़े स्तर में सफाई को महत दिया जा रहा विद्यालय से भी छात्रों को सफाई का पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन उसी विद्यालय में गंदगी का अंबार लगा हुआ है शौचालय के हाल तो इतने ज्यादा बत्तर है जहा खड़े हो पाना भी मुस्किल है शौचालय टूटा फूटा, पान गुटखे के दाग, खिड़कियों की हालत जर जर है पानी तक की व्यवस्था मॉडल स्कूल मवई के शौचालय में नही है वही दीवारों पे इतने ज्यादा गन्दगी है सम्पूर्ण भवन की दीवार पर मकड़ी के जाले लगे हुए मानो ये विद्या का मंदिर न हो बल्कि कोई खंडर हो सफाई का महत्व बताना एक अलग बात हो हुई और खुद के विद्यालय में सफाई होना अलग इस भवन में नवीन महाविद्यालय भी संचालित है वनांचल क्षेत्र मवई के लिए मॉडल स्कूल एक बहुत बड़ी सौगात थी प्रशासन की तरफ से किंतु देख रैख के अभाव एवम संबंधित विभाग की लापरवाही के चलते खंडर में परिवर्तित होने पर ज्यादा समय नहीं लगेगा।

प्राचार्य अक्सर रहते है नदारत

मॉडल स्कूल मवई में पदस्थ प्राचार्य अपडाउन करते है जो अधिकांस विद्यालय से नदारत होते है स्कूल पूछे जाने पर पता चलता है प्राचार्य महोदय कभी मंडला मीटिंग मे गए है तो कभी कही और लेकिन विद्यालय से दूरी बना कर रहने से स्कूल की व्यवस्था बिगड़ते चली जा रही है जिले में पदस्थ आला अधिकारियों को भी मॉडल स्कूल मवई से कोई सरोकार नहीं है।