14 से 28 सितंबर तक संपूर्ण जिले में आयोजित होगा हिंदी पखवाड़ा

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

नेहरू युवा केंद्र सभागार में हुआ हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ हिंदी भाषा भारत भूमि के लिए महत्वपूर्ण ही नहीं बल्कि गौरव गाथा
बैतूल। हिंदी दिवस पर नेहरू युवा केंद्र बैतूल के विवेकानंद सभागार में हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। हिंदी पखवाड़ा के तहत 14 से 28 सितंबर तक संपूर्ण जिले में कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।जिसके अंतर्गत निबंध लेखन, नारे लेखन, संगोष्ठी सहित विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। हिंदी पखवाड़े के शुभारंभ अवसर पर मुख्य रूप से जिले के वरिष्ठ समाजसेवी इमरतलाल मालवीय, विशेष आतिथ्य में उर्मिला ठाकुर व कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती कविता मालवीय हेल्प एज इंडिया ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया।देव भाषा संस्कृत से ही हिंदी का जन्म हुआइस अवसर पर इमरतलाल मालवीय ने कहा कि हमें गर्व है कि हमने भारत भूमि पर जन्म लिया है, जिस भारत भूमि पर हिंदी जैसी राष्ट्रभाषा को हमें बोलने व सुनने का सौभाग्य मिलता है। देव भाषा संस्कृत से ही हिंदी का जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा का किसी भी देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की प्रक्रियाओं में अहम योगदान होता है। जब हम राष्ट्रभाषा हिंदी की बात करते हैं तो हमें व्यापक स्तर पर यह देखना होगा कि स्वतंत्र भारत में हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान करने के बाद भी कामकाज में हिंदी के प्रयोग की वर्तमान स्थिति क्या है। आजादी के 75 वे वर्ष में हम प्रवेश करने के बाद आज पूर्ण रूप से हिंदी भाषा के लिए सीमट गए, आज कहीं ना कहीं सरकार का उद्देश्य यही है कि हम हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी को महत्व दें, अंग्रेजी बोलना अच्छी बात है पर हिंदी मात्र भाषा को भूल जाना चिंता का विषय है।
हिंदी मां की ममता जैसी भाषा
इस अवसर पर उर्मिला ठाकुर ने गीत के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री मालवीय ने कहा कि हर क्षण, हर पल जिस भाषा का हम बड़े शहर सरलता के साथ उपयोग करते हैं। कहीं ना कहीं देश शब्द से हमें गौरवान्वित महसूस होता है, जैसे मां के हाथों का खाना शायद दूसरे जगह नहीं मिल सकता, वैसे ही भले ही हम विभिन्न भाषाएं सीख ले पर हिंदी मां की ममता जैसी भाषा है, जैसे भोजन शब्द कितना श्रेष्ठ लगता है, सायन आवागमन जैसी विभिन्न न जाने कितने उदाहरण है। इस अवसर पर धनंजय सिंह ठाकुर, कीर्ति साहू, तुषार यादव, सीता इंग्ले, रामदीन, मोनू गलफट, अनीता पवार, रामाबाई, ललिता बाथरी, प्रीति वर्मा, भारती नागले, नीलम डोरिया, सुशीला, कल्पना खातरकर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन धनंजय सिंह ठाकुर ने किया व आभार तुषार यादव ने व्यक्त किया