लाचार सिस्टम की भेंट चढ़ा गरिब का आशीयाना

Scn news india

भरत साहू की रिपोर्ट 

भैंसदेही,,यह सत्य है कि गरिब की पुकार कोई नहीं सुनता उसका एक मात्र विश्वास इश्वर पर ही होता है सरकार द्वारा गांवों के विकास कार्य के लिए लाखों रुपए ग्राम पंचायत को दिए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद धरातल पर सब कार्य शून्य नजर आता है मामला भैंसदेही विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बासनेर खुर्द का जहा ग्राम पंचायत की लापरवाही का खामियाजा एक गरिब परिवार को भोगना पड़ रहा है सोमवार को हुई लगातार बारिश से बासनेर खुर्द निवासी काशीराम नवसरकार के मकान से बाढ़ निकल गई। गरिब बेबस कांशीराम नवसरकार के साथ यह घटना पहली बार नहीं हुई पुरी बारिश में इस तरह कई बार मकान में आई बाढ़ का सामना करना पड़ा आखिर लाचार कांशीराम को अपने सपनों का आशियाना छोड़ कर सरकारी स्कूल में खाली कमरे में रहने को मजबुर होना पड़ा।

कांशीराम सहित ग्रामीणो की मानें तो पानी निकासी को लेकर ग्राम पंचायत में दर्जनों बार गुहार लगाई परन्तु कांशीराम की सुनने वाला कोई नहीं काशीराम नवसरकार के मकान के पीछे खेतों से सीधा पानी मकान में आ जाता है पंचायत के सरपंच सचिव चहाते तो जेसीबी मशीन से नाली बनाकर पानी निकासी कर सकते थे। परन्तु उन्होंने इस पुनीत कार्य करने की जहमत नहीं उठाई। विकास के दावे भरने वाले जनप्रतिनिधियों के नजरों के सामने एक गरिब का आशीयाना ढह रहा है परन्तु कोई भी इंसानीयत दिखाने सामने नहीं आया।

कांशीराम मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता है अगर कांशीराम का यह कच्चा मकान गिर गया तो पुनः मकान बनाए इतने पैसे कांशीराम के पास नहीं है सायद लाचार सिस्टम के चलते भविष्य में शासन की महत्वपूर्ण योजना के तहत पीएम आवास का लाभ कास कांशीराम नवसरकार को मिले । या फिर इसी तरह पीएम आवास योजना के लिए भी कांशीराम को दर दर की ठोकरें खानी पड़ेगी। मामला जो भी हो परन्तु एक गरिब के लिए इंसानियत तो बनती है चाहे समाजसेवी हो या जनप्रतिनिधि।