बैतूल ईएलसी को आवंटित जमीन का मामला गर्माया

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद बैतूल ईएलसी को आवंटित जमीन का मामला गर्माया गया है। अब नए मामले भी सामने आ रहे हैं। जिसमें बस स्टैण्ड के सामने बने ईएलसी हॉस्टल के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके पहले ईएलसी स्कूल परिसर में व्यवसायिक उपयोग का मामला तूल पकड़ चुका है। क्रिश्चन मिशन के ही लोगों ने ही इस मामले की शिकायत की थी। यहां तक की 11 लोगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच भोपाल में मामला दर्ज किया गया था। अब स्थानीय लोग ईएलसी हॉस्टल पर भी सवाल उठा रहे हैं। यह हॉस्टल महाविद्यालयीन छात्रों के लिए बनाया गया था और इसे अब नियम विरूद्ध तरीके से लोगों को किराए पर दिया जा रहा है।
हास्टल के कमरों में खुल गए कार्यालयजिस पवित्र उद्देश्य को लेकर ईएलसी संस्था के ट्रस्टियों ने ईएलसी हॉस्टल का निर्माण कराया था। उस उद्देश्य से वर्तमान ट्रस्टी भटक गए हैं या यह कहे कि निजी स्वार्थ के कारण उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल के लिए महाविद्यालयीन छात्रों को पढ़ने के लिए हॉस्पीटल निर्माण कराया गया था ताकि दूरदराज से जिला मुख्यालय पर पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थियों को सहूलियत हो सके।स्कूल की जमीन में बना है हॉस्टलइस हॉस्टल में 34 कमरे और 4 स्टाफ के कमरों के अलावा 14 दुकानों का निर्माण किया गया था। वर्तमान में इस हॉस्टल में कुछ परिवार स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं तो अधिकांश कमरों में व्यवसायिक कार्यालय खुल गए हैं। इससे साफ है कि संस्था मूल उद्देश्य से भटक रही है। इस मामले में भी समाज के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता असीम जोसफ ने बताया कि नजूल शीट क्रमांक 12, प्लांट नं. 7/1 में स्कूल और हॉस्टल दोनों ही बने हैं। दोनों ही संस्थाओं का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है।फर्म्स एण्ड सोसायटी से नहीं ली अनुमतिशैक्षिणक कार्य के लिए आवंटित भूमि के व्यवसायिक उपयोग को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उपनियम के तहत मद परिवर्तन के पहले कार्यालय रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं से अनुमति लेनी थी। इस संंबंध में असीम जोसफ ने सूचना के अधिकार के तहत रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्था कार्यालय भोपाल से जानकारी मांगी थी। जिसमें कार्यालय के द्वारा उन्हें बताया गया कि संस्था द इवेंजेलिकल लूथरन चर्च इन म.प्र. छिंदवाड़ा पंजीयन क्रं. 12 दिनांक 1942-43 द्वारा नजूल शीट क्रमांक 12 प्लांट नंबर 7/1 स्थान बैतूल के अधिनियम की धारा 21 के तहत अनुमति हेतु कार्यालय में प्रकरण प्राप्त नहीं हुआ है। इससे साफ है कि ट्रस्ट बायलॉज का भी पालन नहीं किया गया है।