महिला चिकित्सक की लापरवाही से जन्मजात रहेगा विकलांग. पीड़ित परिजनों ने लगाया आरोप

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संवाददाता सुनील यादव 

महिला चिकित्सक की लापरवाही से जन्मजात रहेगा विकलांग. पीड़ित परिजनों ने लगाया आरोप
सोनोग्राफी रिपोर्ट से चौथे महीने में ही स्पष्ट हो गया था कि गर्भावस्था में शिशु को लाइलाज तकलीफ है

कटनी ॥ इलाज आज के समय की मूल आवश्यकताओं में से एक है। विज्ञान के सहारे से बीमारों का इलाज किया जाता है। सरकार ने इलाज करने के लिए चिकित्सक रजिस्टर्ड किए हैं। परंतु यही रजिस्टर्ड चिकित्सक अगर इलाज और जाँच मे लापरवाही बरते तो तो चिकित्सक द्वारा किया गया इलाज जीवन भर के लिए अभिशाप बन जाता है .कुछ इसी तरह से एक मामला कटनी जिला चिकित्सालय मे पदस्थ एक महिला चिकित्स का सामने आया है जहॉ पर नवजात शिशु के परिजनों ने महिला चिकित्सक पर लापरवाही पूर्वक इलाज एवं रिपोर्ट की जांच ना करने का आरोप लगाया है जिसके कारण उनका नवजात शिशु जन्मजात विकलांगता के अभिशाप का शिकार रहेगा । इस संबंद्ध मे जानकारी के अनुसार शास्त्री कॉलोनी निवासी शिखा अवस्थी पति पंकज अवस्थी जिला चिकित्सालय में पदस्य महिला चिकित्सक आरती साँधिया की लापरवाही का आरोप लगाया है ।

 

शास्त्री कॉलोनी निवासी शिखा अवस्थी पति पंकज अवस्थी उम्र लगभग 26 वर्ष को विगत 15 मार्च को जिला चिकित्सालय में गर्भावस्था के दौरान जांच एवं परामर्श के लिए गई जहां किसी नर्स के द्वारा सलाह दी गई कि महिला चिकित्सक आरती सोधिया को उनके निजी क्लीनिक में दिखाओ। पीडित परिवार परिवार द्वारा शिखा को 06/ 04 / 2022 को महिला चिकित्सक आरती सोधिया के क्लीनिक में ले जाया गया जहां उन्होंने टारगेट सोनोग्राफी की जांच का परामर्श दिया जिसमें भ्रूण विकृति का स्पष्ट उल्लेख था । रिपोर्ट आने के बाद डॉ महिला चिकित्सक आरती सोधिया दवारा जांच रिपोर्ट का गंभीरता से अध्ययन नहीं किया गया और ना ही उन्हें सही परामर्श दिया गया तथा निरंतर इलाज की सलाह दी गई ।

इलाज के बाद उन्होंने 05 / 07 /2022 को सोनोग्राफी की सलाह दी. सोनोग्राफी की रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने जल्द ही डिलीवरी कराने की सलाह दी इसके उपरांत परिजनों द्वारा निजी चिकित्सालय में दाखिल कराया गया जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया जिस की रीड की हड्डी में गहरा घाव है और सिर में पानी पाया गया है जबकि सोनोग्राफी रिपोर्ट से चौथे महीने में ही स्पष्ट हो गया था कि गर्भावस्था में शिशु को लाइलाज तकलीफ है ! परिजनों का आरोप है कि डॉ.आरती सोधिया यदि समय पर सही परामर्श दे देती तो नवजात शिशु को गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता था । डॉ आरती सौंधिया की लापरवाही से पूरा अवस्थी परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से एवं शारीरिक रूप से बेहद परेशान हो गया है।

चिकित्सकों ने नवजात शिशु को जीवन भर ठीक नहीं होने की सलाह दी है इस स्थिति में पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है इस गंभीर मामले पीड़ित परिजनों ने डॉक्टर आरती साँधिया ही पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है, जिनके खिलाफ परिजनों ने पुलिस मे शिकायत दर्ज कराई है ।

इस संबंद्ध मे कोतवाली थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया की संबन्धित मामलें मे शिकायत प्राप्त हुई है जिसके लिए अभिमत के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोभेजा जाएगा जिसके बाद मामलें की जाँच की जाएगी ।

वही इस पूरे मामलें मे प्रभारी सिविल सर्जन डाक्टर यशवंत वर्मा ने बताया कि सबंधित मामलें में सोशल मीडिया के द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है जिस पर जाँच उपरांत विधि अनुसार करवाई की जाएगी और परिजनों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जाएगे । वही महिला चिकित्सक डॉ आरती सोंधिया ने पीड़ित परिजनों के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है, परिजनों ने मांग की है कि उचित कार्रवाई कर महिला चिकित्सक को विधि अनुसार दंडित किया जाए॥