रीवा से डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए 6 साल पहले इंदौर गये छात्र ने खोली PSC समोसे वाला नाम की दुकान

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कामता तिवारी
संभागीय ब्यूरो रीवा
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रीवा (ब्यूरो)मार्च 2017 में19 साल की उम्र में अजीत सिंह डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना लिए अपने परिवार और गांव को छोड़ अजीत इंदौर जैसे शहर में आए। अजीत ने डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना और कुछ कर दिखाने के जस्बे के साथ अजीत ने 2019 में एग्जाम दी, लेकिन मामला कोर्ट में जाने से रिजल्ट नहीं आया।

फिर 2020 में एग्जाम दी जिसमें वे प्री क्लियर नहीं कर पाए और 2021 में एग्जाम दी, लेकिन रिजल्ट नहीं आया। अजीत का कहना है कि न तो एमपीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया निरंतर हो रही है न ही एमपी एसआई, पटवारी और व्यापम की अन्य परीक्षाएं आयोजित हो रही है। आर्थिक संकट से जूझते अजीत ने इंदौर में रहकर तैयारी करने और अपना खर्च उठाने का फैसला लिया। कुछ दोस्तों की मदद से 10 हजार रुपए महीने की दुकान किराए पर ली। इसमें उन्होंने PSC समोसा वाला नाम से दुकान खोली। अजीत का कहना है कि उन्होंने दुकान डालने के बाद भी अपनी तैयारी करना नहीं छोड़ा है। हालांकि वे अभी पढ़ाई के लिए 4 से 5 घंटे ही निकाल पा रहे है।उन्होंने अपनी दुकान पर अखबार रखने के बजाए पीएससी एग्जाम में काम आने वाली प्रतियोगी, करंट अफेयर की किताबें रखी हैं।