चेक बाउंस केस से बचने कराई झूठी एफआईआर : प्रवीण गुगनानी

Scn news india
राजेश साबले जिला ब्यूरो 
 दबाव में लिखी एफआईआर
 राजनैतिक हत्या की साजिश
बैतूल। एक किसान की शिकायत पर भाजपा नेता प्रवीण गुगनानी के खिलाफ गंज थाना में एफआईआर दर्ज होने के बाद शुक्रवार को प्रवीण गुगनानी ने भी अपना पक्ष मीडिया के समक्ष रखा जिसमें उन्होंने किसान को प्रापर्टी ब्रोकर्स बताते हुए चेक बाउंस के केस से बचने झूठी एफआईआर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनैतिक सक्रियता के चलते झूठी एफआईआर कर उनकी राजनीति हत्या करने की साजिश की जा रही है।
गुरुवार को प्रवीण गुगनानी के खिलाफ गंज थाने में एफआईआर होने के बाद शुक्रवार उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि शिकायतकर्ता प्रापर्टी ब्रोकर्स है और उनके पास प्रापर्टी के प्रस्ताव लेकर आता रहता है। 2017 में जब उसकी बेटी कराते खेलने गई थी तब 25 हजार रुपए उधार लिए थे जो वापस भी कर दिए। उसके बाद अप्रैल 2022 में चेक देकर दो लाख रुपए उधार ले गए। शिकायतकर्ता ने तकाजे करने पर भी राशि नहीं लौटाई और उल्टा प्रेस में इसने अनर्गल आरोप लगाए। सबसे बड़ी बात की इस व्यक्ति ने पहले पुलिस को जो तीन आवेदन दिए हैं और एक आडियो भी जारी किया है उसमे कोई भी ऐसी बात नहीं लिखी है जो की एफआईआर में लिखी गई है।
श्री गुगनानी ने बताया कि वेकभी शिकायतकर्ता के घर नहीं गये। यह जांच होनी चाहिए थी, कि जिस तारीख को मुझ पर आरोपी के घर जाकर धमकी का आरोप लगाया गया है उस तारीख को मैं कहां था और आरोप लगाने वाला भी बैतूल में था या नहीं? शिकायतकर्ता ने जो पुलिस को जो कॉल रिकार्डिंग दी है वह 2 अगस्त, 2022 दोपहर एक बजे की है। इस कॉल रिकार्डिंग में वह कह रहा है की वह नागपुर में है और दूसरी तरफ एफआईआर में लिखा रहा है की दो अगस्त को दोपहर दो बजे मैं उसके घर गया और मैने उसे मारा। आरोप लगाने वाले के घर के सभी रास्तों पर कहीं न कहीं पुलिस के कैमरे लगे हैं। पुलिस इन कैमरों में मेरे मूवमेंट को चैक करे की मैं उसके घर गया था क्या? मुझ पर शिकायतकर्ता के घर जाने के आरोप लगाए जाने वाले दिन के चौक चौराहों के कैमरे के फुटेज पुलिस रिकार्ड में सुरक्षित रखे जाएं। पुलिस का मन न भरे तो सीबीआई आदि से भी जांच करा ली जाए।