अनामिका के घर में हाथों से बने ईको फ्रेंडली गणपति विराजे

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दिवाकर पांडेय सतना  

मैहर-एससीएन न्यूज इंडिया के संभागीय ब्यूरो (रीवा संभाग ) कामता तिवारी के ग्राम रैगवां निवास पर इस वर्ष भी उनकी होनहार पुत्री अनामिका तिवारी के द्वारा बनाई गई ईको फ्रेंडली गणपति जी को मूर्ति की स्थापना बड़े ही विधिविधान से पूजा अर्चना कर की गई। बता दे कि अनामिका प्रतिवर्ष अपने हाथों से बनाई  ईको फ्रेंडली गणपति की मूर्ति बना कर पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देने का अभिनव कार्य करती है। अनामिका का कहना है कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी ) से बनी प्रतिमाएं पर्यावरण के लिए हानिकारक है। ये घुलनशील नहीं होने की वजह से पानी  में ठोस आकार में पड़ी रहती है। यानी पूर्णतः विसर्जित नहीं हो पाती। या लम्बे समय तक पड़ी रहती है। दूसरा इन पर लगे  सिंथेटिक केमिकल युक्त रंग भी पानी को दूषित करते है। जिससे पानी में रहने वाले जीव जंतु कहीं ना कहीं प्रभावित होते है। चूँकि ईको फ्रेंडली मूर्तियां मिटटी ,गोबर ,घास, सूतली, बांस के साथ भूरा व रेतारी मिट्‌टी से बनी  होती है। इन्हे   फ्लॉवर पेंट (कच्चे रंगों) से रंगते हैं ताकि यह पानी में आसानी से घुल सकें।

गौरतलब है कि रैगवां गांव के निवासी कामता तिवारी   की पुत्री अनामिका तिवारी  विगत कई वर्षों से खुद अपने हाथों से गजानन जी को बनाकर और बड़े ही आव भगत के साथ अपने घर में गजानन की स्थापना कराकर पूजा पाठ करती हैं।