धामनगांव में पोला पर्व पर पांच बैल जोड़ी को 1100-1100 रूपए से किया पुरस्कृत

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भरत साहू की रिपोर्ट 

धामनगांव में पुर्व से चली आ रही परम्परागत किसानों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ पोला पर्व मनाया गया वहीं वृषभराज को सजा धजाकर पुजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना करते हुए उन्हें ग्राम के मुख्य स्थान पर सभी को एकत्रित कर परम्परागत विवाह सम्पन्न कराया जाता है बताया जाता है कि यह किसानों के अन्न दाता हैं.

इन्हीं की मेहनत से किसान वर्षों से खेतों में अन्न उगाता आ रहा है प्रथा अनुसार एक दिन पहले बेलों को नहला कर साम में खान हल्दी मस्का से मला जाता है और फिर दूसरे दिन किसानों द्वारा अपने अपने बैलों को नहलाने के बाद उन्हें सुन्दर वस्त्रो से सजाया जाता है उसके उपरांत उनकी पुजा अर्चना कर सुन्दर पकवान बनाकर खिलाएं जाते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हुए उन्हें ग्राम के एक स्थान पर इकट्ठा कर बाजे-गाजे के साथ पुजा अर्चना कर विवाह सम्पन्न कराया जाता है और तोरण तोड़कर इस प्रथा को सम्पन्न किया जाता है।

धामनगांव में हर्षोल्लास से मनाया पोला पर्व
वहीं धामनगांव में भी बरंजग मंदिर से ग्रामीणों द्वारा बाजे गाजे के साथ बारात निकालकर मंगलाष्टक बोलकर परम्परागत रूप से वृषभराज की पुजा अर्चना कर विवाह कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया

पांच बैल जोड़ी को 1100 रूपए से किया पुरस्कृत

धामनगांव में किसानों द्वारा सुंदर बैल जोड़ी सजाने पर ग्रामीणों द्वारा दर्जनों बैल जोड़ी में से पांच जोड़ी बैलों का चयन कर उन्हें सजाकर लाने वाले किसान सुरेश साकरे दादा साकरे 1100, मुकेश धुर्वे 1100, गुणवत धूर्वे 501, रमेश साकरे 501, सुरेश महाराज 501सहित पांचो किसानों को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया गया जिससे ग्राम में चली आ रही परम्परागत प्रथा के प्रति लोगों का लगाव बना रहे और किसानों के खेतों से उगाने वाले यह अन्नदाता की पुजा अर्चना प्रतिवर्ष पोले पर्व पर इसी तरह धुमधाम बाजे गाजे के साथ सम्पन्न हो।