MP Weather -39 जिलों में भारी बारिश-बिजली गिरने की चेतावनी, मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट, जानें अपने शहर की स्थिति

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भारत मौसम विज्ञान केन्द्र:
39 जिलों में भारी बारिश-बिजली गिरने की चेतावनी, मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट, जानें अपने शहर की स्थिति

आज सोमवार 22 अगस्त 2022 को 7 संभागों में गरज चमक के साथ भारी से अति बारिश की चेतावनी जारी की है।इसके लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के दोबारा एक्टिव होते ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले 48 घंटों से हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है,बांधों के गेट खोल दिए गए है। कई गांवों और मार्गों का संपर्क टूट गया है। कई इलाकों में तो बाढ़ की स्थिति बन गई है। एमपी मौसम विभाग (MP Weather Department) ने आज सोमवार 22 अगस्त 2022 को 7 संभागों में गरज चमक के साथ भारी से अति बारिश की चेतावनी जारी की है।विभाग ने आज एक साथ तीनों अलर्ट जारी किए है। वही 6 संभागों में बिजली गिरने और चमकने का अलर्ट जारी किया है।

एमपी मौसम विभाग ने आज सोमवार 22 अगस्त को सभी संभागों में गरज चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने चमकने की संभावना जताई है।वही 7 संभाग और 4 जिलों में अति भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, सागर जबलपुर, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के साथ विदिशा, रायसेन,सीहोर और भोपाल में अति बारिश भारी बारिश को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वही इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल में बिजली गिरने और चमकने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में अवदाब का क्षेत्र उत्तर–पूर्वी मप्र पर बना हुआ है। मानसून ट्रफ बरेली, लखनऊ से अवबाद के क्षेत्र से हाेकर छत्तीसगढ़, ओडिशा से हाेते हुए बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से भी नमी मिलने का सिलसिला बना है, जिसके चलते राजधानी सहित अधिकतर जिलाें में वर्षा हाे रही है। भाेपाल, उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर संभागाें के जिलाें में भारी वर्षा हाेने की संभावना है

♦️अबतक की अपडेट्स

भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, शिवपुरी समेत कई जिलों में सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
राजधानी भोपाल में मौसम खराब होने के कारण हवाई यातायात प्रभावित ।इंडिगो की सुबह की दिल्ली की उड़ान निरस्त कर दी गई है। कुछ उड़ानें डाइवर्ट । राजा भोज एयरपोर्ट के रनवे पर पानी भरा।
ग्वालियर चंबल संभाग के मुरैना, श्याेपुर और भिंड में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा। राजस्थान के काेटा बैराज से पानी छाेड़े जाने के कारण चंबल खतरे के निशान के ऊपर । मुरैना जिले के ही अकेले 200 गांवाें पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने हाई अलर्ट भी जारी कर दिया है।
राजस्थान के कोटा बैराज बांध से 3 लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ना शुरू कर दिया गया है। कोटा बैराज के 15 गेट को पूरी क्षमता के साथ खोलकर यह पानी चंबल नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे श्योपुर, मुरैना से लेकर भिंड जिले में चंबल नदी के खतरे के निशान को पार करने की आशंका है। मुरैना में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। 200 से ज्यादा गांवाें पर बाढ़ का खतरा है।
200 से ज्यादा इलाकों काॅलाेनियों में पानी घुस गया है। ईंटखेड़ी नदी उफान पर है, जिससे भोपाल – बैरसिया मार्ग बंद हो गया। 32KM प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल रही है। शहर में 200 से अधिक पेड़ गिरने की सूचना है।खराब मौसम के कारण भोपाल आने वाली सभी फ्लाइट डायवर्ट कर दी गई है।
कलियासोत डैम के 7 और भदभदा के 5 और केरवा डैम के 5 गेट खुल दिए गए हैं। बड़ा तालाब के बोट क्लब में खड़ा क्रूज लेक प्रिंसेस एक मंजिला डूब गया है। अभी कलियासोत के 7 और भदभदा के 5 और केरवा डैम के 5 गेट खुले हुए हैं।20 से ज्यादा कर्मचारियों ने रस्सी की मदद से उसे सुरक्षित किया।
नगर निगम द्वारा केंद्रीय कर्मशाला माता मंदिर में आपदा नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहां 24 घंटे अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। नगर निगम ने लोगों की सहायता के लिए 0755-2542222, 2540220 और 2701401 नंबर जारी किए हैं। सूचना मिलते ही कर्मचारी मदद के लिए पहुंचेंगे।
गुना के बमोरी इलाके के पीपल्या गांव में रविवार को भैंस चराने गए 3 ग्रामीण टापू पर फंस गए। अचानक पानी बढ़ने से वह चारों तरफ से घिर गए। लगभग 20 घंटों तक वह टापू पर फंसे रहे। सूचना मिलने पर प्रशासन और SDERF की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन रविवार को अंधेरा हो जाने और पानी ज्यादा होने से रेस्क्यू नहीं हो पाया। प्रशासन ने उन्हें एयरलिफ्ट करने के लिए गृह विभाग को मदद के लिए पत्र भी भेज दिया था। सोमवार सुबह पानी थोड़ा कम हुआ तो SDERF ने अपनी बोट उतार दी।

सागर जिले में आगामी 24 घंटों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसको देखते हुए सागर जिले में निजी और सरकारी स्कूलों में सोमवार को छुट्‌टी की गई है।
जैसीनगर क्षेत्र से निकली धसान नदी में उफान आई है। जिससे कई गांवों का संपर्क जैसीनगर से टूट गया है। सिंगारचोरी, बांसा समेत अन्य आसपास के गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं। खेतों में पानी घुस गया है। इसके अलावा बीना नदीं और रहली से निकली सुनार नदी में जलस्तर बढा है।
सुनार छोटे पुल के ऊपर से बह रही है।रहली के बसारी रोड क्षेत्र स्थित घरों में पानी घुस गया है। सागर-जबलपुर मार्ग पर कोपरा में नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।
सुकतवा नदी के उफान पर आने से औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे सुबह 4 बजे से बंद है। अशोकनगर में कार समेत 5 लोग बह गए। इनमें से 3 लोग पेड़ पकड़कर रात भर बैठे रहे, जिन्हें रेस्क्यू कर लिया गया। दो लोग पानी में बह गए हैं।
विदिशा की लटेरी तहसील के इस्लामनगर में स्टॉप डैम फूट गया। इससे दर्जनभर से ज्यादा गांवों की फसलें डूब गईं। स्टॉफ डैम एक साल पहले ही बना था। अनूपपुर में लैंड स्लाइड के कारण मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ का संपर्क टूट गया है।
पिछले 24 घंटे का बारिश का रिकॉर्ड

बीते 24 घंटे में (सोमवार सुबह 8.30 बजे तक) भोपाल में 190.5 मिमी (7.5 इंच), जबलपुर में 160 मिमी (6.29 इंच), सागर में 173.8 मिमी (6.84 इंच) और गुना में 174.9 मिमी (6.88 इंच) वर्षा दर्ज की गई।