कई सिस्टम एक्टिव, 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी

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आज मंगलवार 16 अगस्त को 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश और 7 संभागों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती, शिप्रा उफान पर आ गई हैं, कई मार्गों से संपर्क टूट गया है, कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है। वही भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम और अशोकनगर के डैम के गेट खोल दिए गए है और भोपाल-सीहोर समेत कई जिलों में कलेक्टरों ने सभी स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी है। एमपी मौसम विभाग (MP Weather Department) ने आज मंगलवार 16 अगस्त 2022 को 16 जिलों और 7 संभागों में भारी से अति बारी बारिश और बिजली गिरने चमकने की चेतावनी जारी की है।इधर, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों-कमिश्नरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, आज मंगलवार 16 अगस्त को 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश और 7 संभागों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। ग्वालियर, चंबल संभाग के साथ राजगढ़, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर, मंदसौर,उज्जैन और रायसेन में भारी से अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। वही इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, चंबल और ग्वालियर संभाग में अनेक स्थानों और जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अधिकांश स्थानों पर बारिश के आसार है। वही ग्वालियर और चंबल संभाग के साथ उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, आगर और राजगढ़ में बिजली गिरने और चमकने के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2 से 3 दिन भारी बारिश के संकेत हैं और 7 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। 17 अगस्त को तेज वर्षा के साथ 18 अगस्त के बाद एक ओर वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। बंगाल की खाड़ी में हवाओं का चक्रवात 18 व 19 अगस्त में फिर बनेगा,नमी बढ़ाने से 22 अगस्त तक बारिश कराएगा। 17 अगस्त तक मानसून ट्रफ के सक्रिय होने और अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में बने रहने की संभावना है। ग्वालियर में इस महीने की पहली भारी वर्षा 16 अगस्त को देखने को मिलेगी। प्रदेश में 18 अगस्त तक लगातार वर्षा का दौर जारी रहेगा।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर अतिनिम्न दाब का क्षेत्र जबलपुर से 120 किमी पूर्व में सक्रिय है, जिसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर गतिमान रहने के साथ दुर्बल होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर अरब सागर और समीपवर्ती दक्षिणी पाकिस्तान में निम्न दाब क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। जबकि मानसून ट्रफ जैसलमेर-गुना से लेकर सागर और डिप्रेशन के केंद्र से होते हुए बालासोर तथा पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन , कर्नाटक से कोमरीन सागर तक गुजर रही है और दक्षिणी गुजरात से महाराष्ट्र तट तक अपतटीय ट्रफ सक्रिय है। अफगानिस्तान के आसपास मध्य क्षोभमंडल की पछुवा पवनों के बीच एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ (WD) भी अवस्थित है।
पिछले 24 घंटे का हाल
बीते 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायसेन में 7 इंच हुई। पचमढ़ी और भोपाल में साढ़े 5 इंच, नर्मदापुरम, सागर में साढ़े 3-3 इंच, ग्वालियर, मंडला, नरसिंहपुर में 3-3 इंच, गुना, जबलपुर, बैतूल, दमोह, रतलाम, शिवपुरी में 2-2 इंच, उज्जैन में डेढ़ इंच पानी गिरा। सिवनी, खंडवा, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा, नौगांव, धार में 1-1 इंच बारिश हुई। इंदौर, खरगोन और दतिया में आधा-आधा इंच बरसात हुई। सतना, रीवा, खजुराहो और सीधी में भी बारिश हुई।