मध्‍य प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान

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शहडोल, जबलपुर में रेड तो ग्वालियर, चंबल एवं नर्मदापुरम संभागों के जिलों तथा पन्ना, छतरपुर, दमोह,सागर, सीहोर जिलों में यलो अलर्ट।
अति निम्न दबाव क्षेत्र से अवदाब में बदली बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली
खाड़ी में उत्तरी उड़ीसा और दक्षिणी पश्चिमी बंगाल के दीघा के आसपास बनी हुई है प्रणाली
Madhya Pradesh Weather Update: भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बना अति निम्न दबाव क्षेत्र रविवार को अवदाब में बदल गया। खाड़ी में बंगाल के दीघा और उत्तरी ओड़ीसा के पास बनी यह मौसम प्रणाली तेजी से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ की ओर आ रही है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जिस गति से यह प्रणाली आगे बढ़ रही है, इसके रविवार देर रात तक छत्तीसगढ़ तो सोमवार सुबह तक ही प्रदेश में प्रवेश कर जाने का पूर्वानुमान है। अवदाब के असर को देखते हुए मौसम विभाग ने रीवा,शहडोल संभाग के जिलों में भारी से अति भारी तथा कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट तो ग्वालियर, चंबल एवं नर्मदापुरम संभागों के जिलों तथा पन्ना, छतरपुर, दमोह,सागर, सीहोर जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
16 अगस्त तक हो जाएगा कमजोर अवदाब
मौसम विभाग के पूर्व मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि यह मौसम प्रणाली न केवल तेजी से आगे बढ़ेगी बल्कि इसकी ताकत में भी कमी आएगी। प्रदेश में प्रवेश करने के साथ इसके अति निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने का अनुमान है वहीं 16 अगस्त तक तो यह उत्तरी पश्चिमी मप्र और राजस्थान की सीमा तक पहुंच जाएगा।
तेज चाल ने पलटे अनुमान , अब 17 से कमी
जैसा पहले अनुमान था कि प्रणाली के आगे बढ़ने से 15 अगस्त के बाद गतिविधयां बढ़ेगी और 17 अगस्त के आसपास तेज वर्षा का दौर मिलेगा लेकिन अब यह स्थिति 15 से 17 अगस्त के बीच ही हो जाएगी और इसके बाद कमी आने लगेगी। 18 अगस्त के बाद एक ओर मौसम प्रणाली बन सकती है, लेकिन वह कब और कितनी ताकतवर होगी और कहां से गुजरेगी यह अभी से कहा नहीं जा सकता।
कमजोर हुआ अरब सागर का अवदाब
वहीं उत्तरी अरब सागर में सक्रिय अवदाब कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र के रूप में अवस्थित है। जबकि मानसून ट्रफ गंगानगर-रोहतक से लेकर बांदा-सीधी और अम्बिकापुर होते हुए बंगाल की खाड़ी में अवदाब तक विस्तृत है।