बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया गुजरिया का पर्व साथ में अमृत महोत्सव के चलते भारतमाता के जयकारे लगाए गए

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भरत साहू की रिपोर्ट
ग्राम धामनगांव में साहू समाज के सहजाती बंधुओं के द्वारा प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी भुजरिया का पर्व मनाया गया जिसमें माताओं ने भुजरिया को लेकर एक जगह एकत्रित हुई फिर सभी लोगों ने तिरंगे झंडे को लेकर भूजरिया को गांव में घुमाया और फिर पानी में उसका विसर्जन किया उसके बाद में वापस घर लाकर अपने माता-पिता बुजुर्गों को व नाते रिश्तेदार के घर-घर जाकर बाटी यह एक परंपरा है .

जोकि साहू समाज में कई वर्षों से चली आ रही है जिसमें नाग पंचमी के दूसरे दिन भुजरिया को बोला जाता है उसके उपरांत राखी के दूसरे दिन भुजरिया को विसर्जित किया जाता है कहावत है कि जिस प्रकार से एक कन्या एक कुल में उत्पन्न होती है और उसकी दूसरे कुल में उसका विवाह हो जाता है उसी का प्रतीक है जिसको साहू समाज बड़े हर्ष उल्लास के साथ गाजे-बाजे के साथ मनाया जाता है ऐसा ही माहौल धामनगांव में देखने को मिला साथ में अमृत महोत्सव के चलते माताओं ने तिरंगे झंडे को लेकर भूजरिया पर्व मनाया वह भारत माता के जयकारे लगाए जिसमें समस्त सामाजिक बंधु उपस्थित रहे