मानसून ट्रफ के साथ 5 सिस्टम सक्रिय, 34 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग का रेड अलर्ट जारी

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अलग-अलग स्थानों पर बनी इन पांच मौसम प्रणालियों के कारण मप्र के अधिकतर जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है। नदी नाले उफान पर आ गए है और कई जिलों के बांधों के गेट भी खोल दिए गए है। वर्तमान में मानसून ट्रफ के साथ 5 वेदर सिस्टम फिर एक्टिव है, जिसके चलते भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। एमपी मौसम विभाग (MP Weather Department) ने आज बुधवार 10 अगस्त 2022 को 34 जिलों में भारी से अति बारिश की चेतावनी जारी की है। वही सभी संभागों में बिजली गिरने और चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है।विभाग ने आज एक साथ रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, आज बुधवार 10 अगस्त 5 संभागों और 3 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुर संभागों के साथ डिंडौरी, अनूपपुर और सागर जिलों में भारी से अति भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।वही सभी संभागों में बिजली गिरने और चमकने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। रक्षाबंधन तक इंदौर, उज्जैन, देवास, मंदसौर, रतलाम अनूपपुर सहित कई शहरों में ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में 5 वेदर सिस्टम एक्टिव है। ओडिशा में बना अवदाब का क्षेत्र कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश पर सक्रिय है। सौराष्ट्र पर भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मानसून ट्रफ सौराष्ट्र पर बने कम दबाव के क्षेत्र से भोपाल, पूर्वी मप्र पर बनी मौसम प्रणाली से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। नर्मदापुरम के आसपास शियर जोन (पूर्वी-पश्चिमी हवाओं का टकराव) मौजूद है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन पांच मौसम प्रणालियों के कारण मप्र के अधिकतर जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त में भी मानसून लगातार एक्टिव है। बुधवार को इंदौर, सीहोर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलाें में बुधवार और गुरुवार काे अच्छी वर्षा होगी।बंगाल की खाड़ी में कम दवाब के क्षेत्र के विकसित होने पर 10-12 अगस्त के बीच ग्वालियर में अच्छी बारिश हो सकती है।इसके बाद 15 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बन सकता है, जिससे अगस्त के तीसरे हफ्ते तक बारिश देखने को मिल सकती है।
पिछले 24 घंटे का बारिश का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक बैतूल में 109.2, इंदौर में 108.9, छिंदवाड़ा में 96.6, भोपाल (शहर) में 83.2, धार में 80.3, पचमढ़ी में 75.6, खरगोन में 73.4, रतलाम में 73, नर्मदापुरम में 67.5, सिवनी में 67.4, उज्जैन में 53, रायसेन में 52, मलाजखंड में 38.5, नरसिंहपुर में 35, खंडवा में 24.8, भोपाल (एयरपोर्ट) में 21.8, मंडला में 17, सीधी में 4.2, उमरिया में 3.2, दतिया में 3.2, शिवपुरी में तीन, सागर में 1.2, दमोह में एक मिलीमीटर वर्षा हुई।
अबतक की अपडेट
बुधवार को भोपाल के कोलार डैम के 8 में से 2 गेट खोले हैं।कलियासोत और भदभदा डैम का 1-1 गेट अभी तक खुला हुआ है, वहीं सुबह 8:15 बजे सीजन में पहली बार केरवा डैम का एक गेट खोला गया।
इंदौर में कई इलाकों में घुटनों तक भरा पानी । सड़कों पर कारें बहती नजर आईं। यशवंत सागर के दो गेट खोले ।
नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 और रायसेन जिले के बाड़ी स्थित बारना डैम के 8 गेट खोले गए। नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा ।
तवा और रायसेन के बारना डैम के गेट खोले गए। मंगलवार शाम 6 बजे तक तवा डैम के 3 गेट 5 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा था
डैम में तेजी से पानी बढ़ने के कारण रात 8 बजे 5 गेट, फिर 9.30 बजे से 9 गेट 7 फीट तक खोले गए। इसके बाद तवा डैम के सभी 13 सभी गेट 10 फीट तक खोले गए हैं।
तवा डैम और बरना डैम के गेट खोले जाने के बाद नरवारी के निचले इलाकों में जल स्तर की बढ़ोतरी होगी, जिसके लिए प्रशासन ने मुनादी कराकर सभी को अलर्ट किया है।
नर्मदापुरम, बुदनी, सिवनी मालवा, टिमरनी, हरदा, हंडिया तहसील में नर्मदा नदी के पास निचले स्तर पर रहने वाले लोगों को अलर्ट रखा गया है।
भारी बारिश के चलते रतलाम रेल मंडल से गुजरने वाली दाहोद-भोपाल मेमू एवं रतलाम-बीना एक्सप्रेस आज निरस्त कर दी गई है।
बैतूल जिले में आठनेर मार्ग पर मासोद के पास अंभोरा नदी की पुलिया टूटकर दो हिस्सों में बंट गई। रास्ता बंद हो गया। शाहपुरा इलाके में बारिश के बीच बिजली गिरने से 13 बकरियों की मौत हो गई। दो चरवाहे घायल हो गए।