राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कोई भी कलेक्टर ठीक से काम नहीं कर पा रहा :वरद मूर्ति मिश्रा

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संवाददाता सुनील यादव 

  • राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कोई भी कलेक्टर ठीक से काम नहीं कर पा रहा :वरद मूर्ति मिश्रा
  • स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर आईएएस ने राजनैतिक पार्टी गठन की घोषणा की

कटनी भोपाल में खनिज निगम में कार्यकारी निदेशक रहे आईएएस वरद मूर्ति मिश्रा तीसरे विकल्प के तौर पर प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में पार्टी बनाकर चुनाव लड़ेंगे। शनिवार को कटनी प्रवास के दौरान उन्होंने यह बात मीडिया के समक्ष कही और शिवराज सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए उन्होंने माफिया और राजनीति के गठजोड़ के कारण प्रदेश में पैदा हुई विकृति को लेकर चिंता जताई और यह भी आरोप लगाया की पूरे प्रदेश में किसी भी जिले में कलेक्टर को अपनी योग्यता के आधार पर काम नहीं करने दिया जा रहा है । बड़ा हो या छोटा विषय हर मुद्दे में राजनीतिक निर्णय हो रहे हैं और जनता को नुकसान पहुंच रहा है। हर समय कलेक्टर डरे रहते हैं उन्हें तबादले की चिंता सताती रहती है। जहां सत्ता पक्ष में पंचायत चुनावों के परिणाम नहीं आए वहां के कलेक्टर तबादले से डरे हुए हैं।आईएएस मिश्रा ने कहा कि जहां माफिया निष्क्रिय है वहां प्रजातंत्र कायम है किंतु मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं है। गठजोड़ बना कर मनमाने तरीके से काम करना मेरे हिसाब से लोकतंत्र नहीं है। श्री मिश्रा ने कहा व्यवस्था परिवर्तन की प्रदेश में जरूरत गठजोड़ की राजनीति के कारण पीछे हो रहा प्रदेश बेरोजगारी के अलावा जनता का नहीं हो रहा भला।

कौन हैं आईएएस डॉक्टर वरद मूर्ति मिश्रा

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर वरद मूर्ति मिश्र ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। मिश्र ने छह-सात जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत सीईओ से लेकर कलेक्टर, उप सचिव पद तक पर काम किया।वर्तमान में वो भोपाल में खनिज निगम में कार्यकारी निदेशक के तौर पर काम कर रहे थे। इस दौरान मिश्रा ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर कई आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि सरकार 20 साल से झूठे आकड़ों पर राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इवेंट की राजनीति कर रही है।
लंबी लड़ाई के बाद मिश्रा को करीब दो महीने पहले ही आईएएस अवार्ड हुआ था ,इससे पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे।साल 1996 में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित होकर डिप्टी कलेक्टर बने थे।उनकी छवि आम लोगों के बीच में जाकर काम करने की थी।मध्य प्रदेश के जिन इलाकों में मिश्रा पदस्थ रहे, वहां सीधे जनता को उनसे मिलने में कोई परेशानी नहीं आती थी। डॉक्टर वरद मूर्ति मिश्रा के अचानक आईएएस की नौकरी छोड़ देने से मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक सेवाओं में चर्चाओं का बाजार गर्म है. डॉ वरद मूर्ति मिश्र की 26 साल की नौकरी मैं कई उतर-चढाव आए। उन्होंने कहा कि सरकार मूलभूत जनहित की समस्याओं से दूर है।