बैतूल, जबलपुर, कटनी एवं ग्वालियर जिलों के 7 व्यवसाइयों के 9 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापा

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मनोहर 

  • 24 करोड़ की कर चोरी पकड़ी, 5.90 करोड़ की राशि कार्रवाई के दौरान जमा कराई
  • व्यवसायिक स्थानों पर वाणिज्यिक कर विभाग का छापा

वाणिज्यिक कर विभाग के “टैक्स रिसर्च एन्ड एनालिसिस विंग” ने डाटा एनालिटिक्स का उपयोग कर बैतूल, जबलपुर, कटनी एवं ग्वालियर जिलों के 7 व्यवसाइयों के 9 व्यावसायिक स्थानों पर लगभग 45 अधिकारियों की टीम के साथ छापे की कार्यवाही की। सभी छापों में लगभग 24 करोड़ की कर चोरी पकड़ी एवं 5 करोड़ 90 लाख की राशि कार्रवाई के दौरान जमा कराई गई।

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा वृहद् स्तर पर डाटा एनालिटिक्स का कार्य किया जा रहा है। हाल ही में विभाग के इंदौर मुख्यालय में डाटा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गयी है।

वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री लोकेश कुमार जाटव के निर्देशन में बैतूल स्थित M/s. LONGJIAN – JITENDRA SINGH (JV) पर श्री युवराज पाटीदार, राज्य कर सहायक आयुक्त, बैतूल वृत्त द्वारा छापे की कार्यवाही की गई। व्यवसायी द्वारा एनएचएआई से कॉन्ट्रेक्ट प्राप्त कर रोड निर्माण का कार्य किया जाता है। जे.वी. द्वारा एनएचएआई को की जा रही आउटवर्ड सप्लाय के विरूद्ध भुगतान पर जीएसटी कानून के अंतर्गत टी.डी.एस. की कटौती कर राशि का भुगतान किया जा रहा था। व्यवसाई द्वारा जितनी राशि एनएचएआई से प्राप्त की जा रही थी, उस अनुपात में जीएसटी रिर्टन में टर्नओवर प्रदर्शित नहीं किया जा रहा था। इस आधार पर वर्ष 2018-19 से वर्ष 2021-22 तक लगभग 8 करोड़ रूपये की कर राशि का भुगतान नहीं किया गया। साथ ही व्यरवसाई द्वारा अपनी अन्य सहयोगी फर्मों को सप्लाय दिखा कर आई.टी.सी. अग्रेषित की जा रही थी। इस आई.टी.सी. को पुन: सहयोगी फर्मों से वापस प्राप्त किया जाकर सर्कुलर ट्रेडिंग की जा रही थी। विभागीय टीम द्वारा मौके पर व्यववसाई से 3 करोड़ 63 लाख की राशि जमा करवाई गई।

इसी तरह कटनी स्थित व्यवसाई मैसर्स श्री वैंकटेश ट्रेडिंग कंपनी, मैसर्स श्री वैंकटेश ट्रांसपोर्ट कंपनी और मैसर्स श्रीनाथ लॉजिस्टिक्स पर श्री मनीष कुमार जैन, राज्य कर अधिकारी, ऑडिटविंग जबलपुर, श्री अरविंद खटीक, राज्य कर अधिकारी, ऑडिट विंग जबलपुर श्री दयाशंकर अहिरवार, राज्य् कर अधिकारी जबलपुर के नेतृत्व में छापे की कार्रवाई की से सभी व्यवसाई गुड्स एवं ट्रांसपोर्ट एजेंसी (ट्रांसपोर्टर) का कार्य करते हैं। इन व्यवसाई द्वारा सर्विसेस प्रदान करते समय गलत आई.टी.सी. ली जा रही थी। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ 40 लाख रूपये का कर अपवंचन प्राथमिक रूप से पाया गया।

इन्दौर स्थित व्यवसाई मैसर्स अल्फास विजन फायबर प्रा.लि. मैसर्स कृष्णा फायबर, मैसर्स अल्फाविजन ओवरसीज इंडिया लिमिटेड और मैसर्स अंबर इंटरप्राईजेज पर श्री अखिलेख यदुवंशी, राज्य कर सहायक आयुक्त इन्दौर श्री हेमंत गेहलोत, राज्य कर अधिकारी, इन्दौर, श्री अंतोन कटारा, राज्य कर सहायक आयुक्त, इन्दौर एवं श्री अजय मुजाल्दे, राज्य कर सहायक आयुक्त, इन्दौर के नेतृत्व् में एक साथ छापे की कार्रवाई की गयी। इन व्यवसाइयों द्वारा कॉटन, एल्युमिनियम बार एवं रॉड का व्यवसाय करना दर्शाया गया है। कार्रवाई के दौरान मैसर्स अल्फा विजन ओवरसीज इंडिया लि.मि. फर्म का बोगस होना पाया गया, मैसर्स अंबर इंटरप्राईजेज के निर्धारित व्यवसाय स्थल पर कई वर्षों से किसी अन्य के द्वारा फेब्रीकेशन का कार्य किया जाना पाया गया है।

इसी प्रकार मैसर्स कृष्णा फायबर के निर्धारित व्यवसाय स्थल पर किसी अन्य व्यक्ति का निवास स्थल होना पाया गया। मैसर्स अल्फा विजन फायबर प्रा.लि. के निर्धारित व्यवसाय स्थल पर कोई व्यवसायिक गतिविधि एवं स्टॉक नहीं पाया गया। यहाँ से अन्य व्यवसाइयों से संबंधित दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इन चारों फर्मों द्वारा आपस में माल की खरीदी एवं बिक्री करते हुए सर्कुलर ट्रेडिंग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान 10 करोड़ का कर अपवंचन प्राथमिक रूप से पाया गया। व्यवसाई से एक करोड़ 10 लाख की राशि जमा करवाई गयी।

जबलपुर स्थित व्यवसाई मैसर्स गौर रोड तारकोट पर श्रीमती वैष्णवी पटेल राज्य कर सहायक आयुक्त जबलपुर के नेतृत्व में छापे की कार्रवाई की गयी। व्यवसाई वर्क्स कॉन्ट्रेक्टर है, इसके द्वारा परिवहन के अंतर्गत आर.सी.एम. का टैक्स सही तरीके से जमा नहीं किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ रूपये का कर अपवंचन प्राथमिक रूप से पाया गया। मौके पर व्यवसाई से 55 लाख 44 हजार लाख की राशि जमा कराई गयी।

ग्वालियर स्थित मैसर्स एस.पी. मैटल इंडस्ट्री एवं मैसर्स एस.पी. प्लास्टिक इंडस्ट्री पर सुश्री दीपा नरवरिया, राज्य कर सहायक आयुक्त, ग्वालियर एवं श्री हेमंत सूर्यवंशी, राज्य कर अधिकारी ग्वालियर के नेतृत्व में छापे की कार्रवाई की गयी। इन व्यमवसायों द्वारा बिहार तथा दिल्ली स्थित बोगस फर्मों से आई.टी.सी. प्राप्त कर, कर अपवंचन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान 4 करोड़ रूपये का कर अपवंचन प्राथमिक रूप से पाया गया।

विभाग की डेटा एनालिसिस टीम के द्वारा किये गये डेटा के सूक्ष्म विश्लेषण के आधार पर कर अपवंचन में संलग्न व्यवसाइयों पर विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, जो भविष्य में भी जारी रहेगी।

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