क्रॉफ्ट विलेज टिगरिया में डिजाइन एवं तकनीकी कार्यशाला प्रारंभ

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 
बैंबू क्रॉफ्ट की दो माह एवं बेल मेटल की तीन माह तक चलेगी कार्यशाला
बैतूल-जिले के क्रॉफ्ट विलेज टिगरिया में बुधवार को डिजाइन एवं तकनीकी क्षेत्र की दो कार्यशालाओं का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशालाएं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित एवं विकास आयुक्त हस्तशिल्प, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित हैं। इस डिजाइन एवं तकनीकी कार्यशाला में बैंबू क्रॉफ्ट की कार्यशाला दो माह एवं बेल मेटल की कार्यशाला तीन माह तक संचालित की जा रही है। कार्यशालाओं का उद्घाटन उपसरपंच श्री तथागत मिश्रा, भोपाल से आए डिजाइनर श्री देवेन्द्र सिंह, एंपेनल डिजाइनर विकास आयुक्त हस्त शिल्प वस्त्र मंत्रालय नई दिल्ली सुश्री नीलम शर्मा, मास्टर क्रॉफ्ट्समेन राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मूर्तिकार श्री बलदेव वाघमारे, बैंबू क्रॉफ्ट्समेन श्री सुरेश कुरीले की उपस्थिति में हुआ।


कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपसरपंच श्री मिश्रा ने कहा कि हमारे क्षेत्र के कारीगरों में कला की अपार संभावना है एवं इस तरह की कार्यशालाओं से उन्हें अपनी कला कौशल दिखाने का उचित अवसर मिलेगा। डिजाइनर श्री देवेन्द्र सिंह ने बताया कि दो माह की बैंबू कार्यशाला में डिजाइन, डेवलपमेंट एवं उसकी बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। जिससे हस्त शिल्पियों के उत्पाद में डिजाइनिंग सेंस की झलक भी दिखाई दे।
बेल मेटल की कार्यशाला के लिए भोपाल से आई डिजाइनर सुश्री नीलम शर्मा ने बताया कि बेल मेटल क्रॉफ्ट टिगरिया की पहचान बने, इसके लिए कलाकृतियों में वेल्यू एडिशन के साथ-साथ इसकी कॉस्ट वेल्यू को कम करना होगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा कस्टमर कलाकृतियों को खरीद सकें।
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सलाहकार, आर्ट एवं क्रॉफ्ट श्री नरेन्द्र मेहता ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य नए क्रॉफ्ट पॉकेट को ढूंढना एवं उन्हें पर्यटन उद्योग से जोडऩा है। जिससे कि इन क्षेत्रों में ग्रामीण हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय मंच मिल सके। इसी उद्देश्य के साथ क्रॉफ्ट विलेज टिगरिया में दो कार्यशालाएं शुरू की गई हैं। इन दोनों कार्यशालाओं में 40-40 ग्रामीण महिला एवं पुरूष हस्तशिल्पियों को डिजाइन डेवलपमेंट एवं तकनीकी के बारे में सिखाया जाएगा।