कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा

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कामता तिवारी
संभागीय ब्यूरो रीवा
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  • कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा
  • बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के प्रयासों की नियमित समीक्षा करें – कमिश्नर

रीवा-रीवा संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के चारों जिलों में संचालित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि कलेक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। बच्चों के पोषण के स्तर में सुधार के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी योजना से संभाग में इस कार्य के लिए आमजनों का खुलकर सहयोग प्राप्त हुआ है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में अधोसंरचना विकास के प्रयासों की भी नियमित निगरानी करें। व्यक्तिगत रूचित लेकर बच्चों के पोषण स्तर के सुधार के प्रयासों की समीक्षा करें।
कमिश्नर ने कहा कि मनरेगा के अभिशरण से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण स्वीकृत किये गये हैं। इनमें अधूरे भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा कराएं। आवश्यकता होने पर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त राशि की मांग करें। सीईओ जिला पंचायत नियमित समीक्षा करके निर्माण कार्यों को पूरा कराकर हर माह प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जल जीवन मिशन से आंगनवाड़ी केन्द्रों में नलजल कनेक्शन तथा बिजली कनेक्शन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कुल 9921 आंगनवाड़ी केन्र्दों में से 4061 में नलजल के कनेक्शन किए गए हैं। इनमें राशि जमा करने के बावजूद केवल 1565 में बिजली के कनेक्शन किए गए हैं। अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्राथमिकता से कनेक्शन दें। अधीक्षण यंत्री पीएचई इसके लिए आवश्यक राशि तत्काल जमा कराएं। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक माह में बिजली और नल के कनेक्शन कराकर एक माह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर साप्ताहिक टीएल बैठक में इसकी समीक्षा करें।
कमिश्नर ने कहा कि एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम मुख्यमंत्री जी की उच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है। इसमें आम जनता से प्राप्त सहयोग राशि तथा अन्य वस्तुएं विधिवत पोर्टल में दर्ज कराएं। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बच्चों के भर्ती होने की स्थिति संतोषजनक नहीं है। रीवा तथा सिंगरौली में 68 प्रतिशत बेड ही भरे हुए हैं। इस माह से शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित करें। यदि एनआरसी के बेड खाली रहते हैं तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी तथा पर्यवेक्षक निर्धारित मुख्यालय में अनिवार्य रूप से रहें। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती ऊषा सिंह सोलंकी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यपालन यंत्री पीएचई तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

 

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