बिजली विभाग की लापरवाही से फिर हुई तीन मौतें गाय सहित नाग और नागिन मरे

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दिवाकर पांडेय

मैहर। हाल ही में दो दिन पहले बिजली विभाग की लापरवाही के कारण अमाटोला नादन में एक दर्जन गायों की मौत के बाद आज मैहर ग्रामीण बदेरा के पिपरा बरबंड में असुरक्षित ट्रांसफार्मर की वजह से एक गाय ने जहां तड़फ तड़फ कर अपने प्राण त्याग दिए वहीं नाग और नागिन का जोड़ा भी मौत की भेंट चढ़ गया।
वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार गौतम ने इन तीनों मौतों के लिए बिजली विभाग के सक्षम अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए कहा है कि लगातार सवाल उठाए जाने के बावजूद भी ग्रामीण इलाकों में तमाम जगहों पर बिजली के नंगे तार मौत का कारण बन रहे हैं लेकिन बिजली विभाग के आला अधिकारी ऑफिस में बैठकर आराम फरमा रहे हैं। आज जिस जगह है यह घटना घटित हुई वहां मौके पर देखा जाए तो ट्रांसफार्मर के आजू बाजू अर्थ की नंगी तारों का अनियंत्रित जाल सा बिछा हुआ है। ट्रांसफार्मर के पास ना तो कोई जाली लगी और ना ही कोई बाड़ा इत्यादि लगाया गया ।बस इसी कारण यह घटना घटित हो गई।

केविल विहीन तार हैं घटना की
मुख्य वजह
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ग्रामीण इलाकों में आए दिन बिजली करेंट हो रहे हादसो का मुख्य कारण केबिल विहीन नंगी तारें ही हैं । विभाग की यह बहुत बड़ी लापरवाही कही जा सकती है जब समूचे क्षेत्र में केबिल तारों का अभाव है फिर भी इतनी अव्यवस्था के बावजूद भी मैदानी अमले को संपूर्ण रखरखाव की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है जो अपनी जान से खेल कर मेंटीनेंस का कार्य करते हैं। यदि यही हाल रहा तो आए दिन हो रहे हादसों का क्रम बदस्तूर जारी रहेगा ।
समाजसेवी श्री गौतम ने कहा है के करीब करीब प्रत्येक गांव में स्थापित ट्रांसफार्मरों की कथा दशा एक जैसी है ।सभी ट्रांसफार्मरों में खुले हुए तार झूल रहे हैं और 24 घंटे मौत का खतरा मंडराता रहता है लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कभी ग्रामीण इलाकों की गश्त पर आए भी तो उपभोक्ताओं को परेशान करने के अलावा अपने गिरेबान में कभी झांक कर भी नहीं देखते।

ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने
चलाया जाए अभियान
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वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार गौतम ने कहा है के बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी यदि जरा भी अपना दायित्व समझते हो तो सर्वप्रथम गांव-गांव में लगे हुए ट्रांसफार्मरों में जी आई तार की छोटी छोटी बाड़ी लगवाने का काम करें ताकि आए दिन हो रहे हादसों से निजात मिल सके क्योंकि केबल युक्त तार उपलब्ध करा पाने में इस विभाग के सभी छोटे बड़े अधिकारियों ने अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। ऐसा लगता है कि इस विभाग का कोई माई बाप है ही नहीं।