पाथाखेड़ा-सारनी के अस्तित्व को बचाने व्यापारियों का फूटा गुस्सा,बरसते पानी में निकाली 97 वाहनों की रैली

Scn news india

ब्यूरो रिपोर्ट
सारनी। पाथाखेड़ा-सारनी के अस्तित्व को बचाने व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा,बरसते पानी में निकाली 97 वाहनों की सारनी से पाथाखेड़ा,शोभापुर ,बगडोना तक भारी भरकम रैली
निकालकर उजड़ते शहर पाथाखेड़ा-सारनी के अस्तित्व को बचाने मांग करते रहे।
सारनी बचाओ संघर्ष समिति का बंद का आव्हान शत-प्रतिशत सफल रहा।
सुबह से जारी बरसात के बावजूद व्यापारियों द्वारा सारनी, पाथाखेड़ा,शोभापुर,बगडोना तक निकाली गई 97 वाहनों की भारी भरकम रैली निकालकर उजड़ते शहर को बचाने की मांग रखी।

व्यापारियों के साथ आम जनता का भी भरपूर सहयोग मिला। वाहन रैली बड़गोना स्वागत द्वार पहुंचने के बाद आम सभा में परिवर्तित हो गई।
बगडोना के स्वागत द्वार में हुई आम सभा को संबोधित करने वालों ने शांति पूर्ण तरीके से अपने क्षेत्र को बचाने अपनी-अपनी बात रखी। सारनी से निकाली वाहन के दौरान पूरे समय पुलिस बल मौजूद रहा। बगडोना स्वागत द्वार पर 2 घंटे सभा चलने के बाद आमसभा समाप्त हो गई।


गौरतलब रहे कि सारनी में में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पावर प्लांट एक में 12/12/12 को जनसभा को संबोधित करते हुए 62.5 मेगावाट की बिजली इकाई के स्थान पर 660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल बिजली इकाई लगाने की घोषण की गई । 2013 विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव के वोट लेने के बाद पावर प्लांट लगाने की घोषणा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दी। विधानसभा के चुनाव आते ही सीएम शिवराज सिंह चौहान नवबंर 2018 में पाथाखेड़ा पहुंचे और पाथाखेड़ा में कोयला खदान व सारनी में बिजली यूनिट लगाने की घोषणा कर जनता का विश्वास विधानसभा-लोकसभा में दूसरी बार जितने में सफल हो गए लेकिन उनके द्वारा की गई घोषणा आज तक पूरी नहीं होने से शुक्रवार क्षेत्र के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा हो एकत्रित होकर जायज मांगो को लेकर सड़कों पर उतर गए।


पाथाखेड़ा क्षेत्र में पूर्व कोयला मंत्री प्रह्लाद पटेल ने तवा 3 खदान खोलने की घोषणा की थी। क्रेंद्र और राज्य में लंबे समय से भाजपा की सरकार होने के बावजूद,क्षेत्र पूरी तरह वीरान हो गया है,बावजूद सरकार और जिले के प्रतिनिधि कोयला-खदान और बिजली इकाई लगाने के मुद्दे पर चुप्पी सादे हुए हैं। 2008 में नगर पालिका क्षेत्र में 98 हजार मतदाता मौजूद थे जो वर्तमान घटकर 42 हजार रह गए हैं। रोजगार नहीं मिलने की विजय यहां का मजदूर दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हो रहे हैं। आज सारनी बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सारनी के गेट 7 पर आमसभा की जाएगी।