तवा डैम के गेट खोले, कई हाईवे बंद, 26 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट, 4 सिस्टम एक्टिव, जानें अपडेट

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आज सोमवार 18 जुलाई को 26 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भोपाल। वर्तमान में 4 वेदर सिस्टम एक्टिव है, जिसके चलते वातावरण में नमी आ रही है और प्रदेशभर में बारिश हो रही है। एमपी मौसम विभाग (MP Weather Department) के अनुसार, आज सोमवार 18 जुलाई 2022 को 26 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वही 8 संभागों में बिजली गिरने और चमकने की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।नया सिस्टम एक्टिव होने से दो से तीन दिन तक भोपाल, जबलपुर और नर्मदापुरम में कहीं-कहीं अच्छी बारिश हो सकती है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार 18 जुलाई को 26 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसमें नर्मदापुरम, उज्जैन, भोपाल संभाग के साथ
बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, गुना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी,बालाघाट और सागर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वही भोपाल, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, सागर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में बिजली गिरने और चमकने के आसार है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में 4 वेदर सिस्टम एक्टिव है। एक अवदाब का क्षेत्र अरब सागर में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में ओडिशा कोस्ट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ अवदाब के क्षेत्र से दीसा, रायसेन, अंबिकापुर से होकर बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र तक बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मौजूद है।इन मौसम प्रणालियों के असर से वातावरण में नमी बढ़ रही है और प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार,अब पूर्वी हवाएं चलने लगी है जिससे मानसूनी अक्ष दक्षिण से उत्तर की ओर शिफ्ट हो रही है जो 20 जुलाई तक अपने नियत स्थान पर आ जाएगी। जिससे ग्वालियर में 20 से 24 जुलाई के बीच झमाझम बारिश होने के आसार है। वही मंंगलवार 19 जुलाई तक मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।वर्तमान में औसत से 21% अधिक यानि 300.7 मिमी की जगह 363.2 मिमी वर्षा हो चुकी है। हालांकि अभी भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में औसत से काफी कम वर्षा हुई है।
अबतक की अपडेट
राजगढ़ लगातार हो रही बारिश से संडावता, हराना और भ्याना गांव में हालात बिगाड़ गए है और घरों, सड़कों और निचली बस्तियों में पानी घुस गया है।
बैतूल, पिपरिया और पचमढ़ी के ऊंचे इलाकों में भारी बारिश से तवा डैम के गेट इस सीजन में दूसरी बार खोलना पड़े।
रविवार रात में सभी 13 गेट 10-10 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा गया। सुबह तक 6 गेट बंद कर दिए गए। अब 7 गेट 10-10 फीट खुले हुए हैं।
इटारसी शहर में बाढ़ के हालात बन गए हैं। नाला मोहल्ला और मेहरागांव के घरों में पानी घुस गया है।
भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे-69 पर नवनिर्मित सुखतवा पुल का एक हिस्सा बह गया। यह पुल नर्मदापुरम-बैतूल के बीच है।
डोलरिया के पास हथेड़ नदी में बाढ़ आने से नर्मदापुरम से हरदा – खंडवा स्टेट हाईवे भी बंद हो गया।
माचक नदी के उफान पर आने से मांदला के पास नदी का जलस्तर बढा, जिसके चलते नर्मदापुर-खंडवा स्टेट मार्ग बंद हो गया है।
सोमवार सुबह तवा डैम के 13 गेटों को 10 फीट तक खोला गया है, जिसके चलते नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने हंडिया सहित नर्मदा नदी के किनारे के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है।