भारी से अति भारी बारिश – 4 वेदर सिस्टम एक्टिव, 24 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट, 19 को फिर बदलेगा मौसम

Scn news india
 
सम्पूर्ण मध्यप्रदेश मौसम अपडेट
शुक्रवार 15 जुलाई 2022 को 24 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। वही 7 संभागों और गुना जिले में बिजली गिरने और चमकने की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भोपाल। वर्तमान में 4 वेदर सिस्टम एक्टिव है और गुजरात में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है, इसके असर से अरब सागर से नमी मिलने लगी है और इस चक्रवात के 16 जुलाई शनिवार को कम दबाव में बदलने की संभावना है। एमपी मौसम विभाग (MP Weather Department) के अनुसार, शुक्रवार 15 जुलाई 2022 को 24 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। वही 7 संभागों और गुना जिले में बिजली गिरने और चमकने की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, आज शुक्रवार 15 जुलाई को 24 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसमें नर्मदापुरम् और भोपाल संभाग के साथ खंडवा, धार, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, नीमच, मंदसौर, गुना, उमरिया, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वही इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभागों और गुना जिले में गरज चमक के साथ बिजली गिरने और चमकने का भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
एमपी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में 4 वेदर सिस्टम एक्टिव है। एक मानसून ट्रफ लाइन गंगानगर, कोटा, गुना, सागर, जबलपुर, पेंड्रा रोड से होकर ओडिशा में बने कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है। महाराष्ट्र में विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्व–पश्चिम) का टकराव हो रहा है। दक्षिण गुजरात में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। इस चक्रवात के शनिवार तक कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। 16 जुलाई तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश और 19 जुलाई तक मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।
एमपी मौसम विभाग (MP Weather Report) के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के ऊपर है जो 48 घंटे में जम्मू कश्मीर पहुंच सकता है ।मानसून ट्रफ लाइन जैसलमेर, कोटा, गुना, सागर, जबलपुर पेंड्रा रोड होते हुए गुजर रही है। ग्वालियर मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर में स्थित है।बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने पर ही बारिश के आसार हैं, अरब सागर में भी कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर के सिस्टम सहित मानसून ट्रफ लाइन के चलते वर्षा के आसार बनेंगे।अगले 1 सप्ताह तक पश्चिमी मप्र में इंदौर व उज्जैन संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां कम दिखाई देंगी।
पिछले 24 घंटे का बारिश का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान सुबह साढ़े आठ बजे तक पचमढ़ी में 68.2, छिंदवाड़ा में 51.4, उज्जैन में 48, मलाजखंड में 35.8, रतलाम में 32, बैतूल में 31.6, इंदौर में 30.4, गुना में 29.9, सिवनी में 23.8, नौगांव में 19.4, धार में 15.4, नर्मदापुरम में 14.8, खजुराहो में 14, उमरिया में 12.2, भोपाल में 10.4, रायसेन में 9.6, मंडला में 7.4, खंडवा में छह, दतिया में 4.6, सागर में 4.6, नरसिंहपुर में चार, जबलपुर में 3.5, दमोह में तीन, सतना में 2.2, खरगोन में 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।
भारी बारिश की आशंका 15 जुलाई से 18 जुलाई के बीच
मध्य प्रदेश में पिछले 1 हफ्ते से लगातार भारी वर्षा का सिलसिला जारी है और प्रदेश के मध्य पूर्वी, दक्षिणी पश्चिमी, दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में भारी तो कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है.
आने वाले दिनों में भी लगातार ऐसे ही कहीं ना कहीं भारी बारिश होती रहेगी खासतौर से नर्मदापुरम, जबलपुर और भोपाल संभाग के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका 15 जुलाई से 18 जुलाई के बीच है, जबकि इसी बीच शहडोल एवं ग्वालियर संभाग में भी भारी वर्षा की संभावना है।
कई दिनों से सूखे पड़े रीवा संभाग में भी बारिश 17 जुलाई से बढ़ने वाली है और यहां के भी सभी जिलों में बारिश होगी, इसका संभावित कारण मानसून ट्रफ है जो कि अब तक सामान्य स्थिति से दक्षिण की तरफ बना हुआ है अतः अब मानसून ट्रफ का पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ आगे बढ़ेगा तो बारिश वाले बादल इन इलाकों को भी अपनी आगोश में ले लेंगे और झमाझम बरसात होगी जिससे निश्चित तौर पर उमस वाली गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रदेश में पिछले चौबीस घंटों के दौरान दर्ज की गई वर्षा के आंकड़े: