सिंगारपुर के नागरिकों ने पौधा रोपण कर मनाया गुरु पूर्णिमा

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योगेश चौरसिया जिला ब्यूरो 

  • सिंगारपुर के नागरिकों ने पौधा रोपण कर मनाया गुरु पूर्णिमा
  • प्रति वर्ष एक एक पौधा लगाने के लिए की गई प्रेरित

 

सिंगारपुर:- जनपद पंचायत मोहगाँव अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगारपुर में 13 जुलाई 2022 दिन बुधवार को ग्राम के नागरिकगणों व शिक्षकों के द्वारा पौधा रोपण कर मनाया गुरु पूर्णिमा। ग्राम सिंगारपुर के इमली टोला स्थित माँ नर्मदा किनारे घाट पर सभी एक साथ मिलकर पीपल व अन्य किस्म के पौधों का रोपण किया गया है। जिसमें ग्राम के नागरिक गण उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम शिक्षक गोपाल सिंह उइके, समाज सेवी हीरा सिंह उइके, पूर्व सरपंच पति धनीराम परते, ग्राम रोजगार सहायक सुरेश कुमार विश्वकर्मा, पूनाराम मसराम, अतर लाल कुशराम, चेतन सिंह मसराम, धर्मेद्र कुमार उइके, विजय कुमार कुशराम, अंकित कुमार मसराम सहित ग्राम के अन्य नागरिक गणों के गरिमामयी उपस्थित में पूजा- अर्चना कर पीपल और अन्य किस्म के पौधे नर्मदा नदी घाट पर लगाये गये। सभी ने पौधा लगाने के साथ साथ पौधों की सुरक्षा करने की बात कही, क्योंकि पेड़ पौधों से ही हमें सुध हवा, पानी एवं वही वातावरण भी सुध मिलता है। इस दौरान शिक्षक गोपाल सिंह उइके नें बताया कि पांच पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है।

जैसा कि पाँच पुत्रों का पालन पोषण करने में जितना समय लगता है, उतना समय एक पौधा का देखभाल में लगता है। बता दें कि पांच पुत्र मिलकर भी एक वृक्ष के बराबरी नही कर सकते। इसलिए सभी को प्रतिवर्ष अपने- अपने खेतों में या सार्वजनिक स्थलों, नर्मदा नदी के किनारे, शासकीय जमीन व सड़क किनारे पर एक- एक पौधा अवश्य लगावें, एक दुसरे को भी एक- एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करें, वृक्षों के महत्व के बारे में जानकारी करावें, पर्यावरण को सुरक्षित करावें, वृक्ष है तो जीवन है, वृक्ष है तो जीवन महान है, वृक्ष नही है तो जीवन वीरांन है। इसलिए वृक्ष माँ के समान है। जिसमें सर्वगुणों से परिपूर्ण होने के कारण वृक्षों को माँ कहा जाता है।

वही समाज सेवी हीरा सिंह उइके ने गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पौधा रोपण कार्य में उपस्थित व ग्राम के सभी नागरिक बंधुओं को बधाई देते हुए कहा कि वृक्ष भी एक गुरु है क्योंकि वृक्ष हमें शिक्षा स्वरूप सर्वगुण प्रदान करता है। जैसे सुध वातावरण में जीवन जीना, सुध हवा लेना, सुध पानी का उपयोग करना, वृक्षों की देखभाल करना। इसी तरह अपने अपने माता पिता इस जीवन की प्रथम गुरु माना जाता है जो दुनिया के क्रियाकलापों से अवगत कराते हैं , तो शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक गुरु होता है वह शिक्षा रूपी ज्ञान के प्रकाश से अवगत कराते हैं,

वही इस संसार सागर को पार करने के लिए अध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता पड़ती है, जो आंतरिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रकार से धार्मिक, अध्यात्मिक सहित हर क्षेत्रों के गुरुजनों का बडा ही महत्व होता। जो आज गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरुजनों का पूजा अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण किये। इसी शुभ अवसर पर सिंगारपुर के नागरिकों नें पौधा रोपण कर मनाया गुरु पूर्णिमा। पौधा रोपण कार्य के पश्चात उपस्थित सभी नागरिकों को प्रसाद वितरण किया गया।