पुण्य सलिला मां ताप्ती को जन्मोत्सव पर सवा किलोमीटर लंबी चुनरी भेंट की

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

बैतूल -खेड़ी सांवलीगढ़ -पुण्य सलिला मां ताप्ती को जन्मोत्सव पर सवा किलोमीटर लंबी चुनरी भेंट की गई माता दी के जन्म उत्सव पर ग्राम खेड़ी सावली गढ़ में सुबह से ही लोग मां ताप्ती घाट पर लोगों की भीड़ पहुंचने लगी थी और ग्राम में चुनरी यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह भरा माहौल भी देखने लायक था।

माता रानी की चुनरी यात्रा सुबह 9:00 बजे मां शीतला गरबा से प्रारंभ हुई शीतला दरबार में आरती होने के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ यात्रा बस स्टैंड से होती हुई बाजार चौक से प्रस्थान किया ,उसके बाद राठौर मोहल्ले में जगह-जगह चुनरी यात्रा का स्वागत किया गया और लोगों को फलाहार बांटे गए।  उसके बाद गांधी चौक से होती  हुई  श्रद्धालुओं की पद यात्रा मां ताप्ती के लिए रवाना हुई।

ग्राम से राजू राठौर ने भी मां की  चुनरी पद यात्रा का  स्वागत किया और श्रद्धालुओं को शीतल जल  पिलाया।  माता रानी की चुनरी यात्रा जैसे-जैसे ताप्ती की ओर बढ़ते गई वैसे वैसे चुनरी यात्रा का कारवां बढ़ते गया, देखते-देखते हजारों की संख्या में लोग चुनरी यात्रा में शामिल हुए और अपने पूरे उत्साह के साथ पैदल चुनरी यात्रा में सहयोग दिया।

चुनरी यात्रा काशी तालाब पर पहुंचते ही अशोक यादव नेपद यात्रियों  को खिचड़ी खिला कर उनका जोरदार स्वागत किया ,काशी तालाब के बाद कनारा पर दीनू पवार ने चुनरी यात्रा का जोरदार स्वागत किया। उसके बाद जैसे ही मां काली दरबार चुनरी यात्रा पहुंची वहां समिति ने लोगों को नाश्ता कराया गया।  ताप्ती जन्मोत्सव के दिन तेज धूप होने के बावजूद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।

सभी भक्त  माता रानी की चुनरी यात्रा को ढोल बाजे के साथ नाचते गाते माता रानी की जय कारे के साथ चल रही थी। कुछ भक्तों ने बिना चप्पल के ही पदयात्रा की चुनरी यात्रा 1:30 पर ताप्ती मंदिर पर पहुंच चुकी थी। उसके बाद माता रानी की आरती रखी गई क्रमशः फिर माता रानी को भोग लगाया गया उसके बाद चुनरी का विसर्जन किया गया चुनरी इतनी बड़ी थी की विसर्जन करने में 12 मिनट का समय लग गया।

चुनरी विसर्जन के बाद माता के दरबार समिति विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था जहां सभी भक्तों ने श्रद्धा भाव से माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया पिछले 2 साल से कोरोना के कारण माता रानी की चुनरी यात्रा छोटे रूप में की गई थी लेकिन इस साल सारी बंदिश हटने के बाद लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा बच्चे बूढ़े और जवान सभी ने इस चुनरी यात्रा में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और जय माता दी जय माता दी के नारे लगाते हुए चुनरी यात्रा के साथ पदयात्रा की।