मध्‍य प्रदेश के 17 जिलों में मानसून का प्रवेश, झमाझम बारिश के लिए करना होगा इंतजार

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  • मध्य प्रदेश के 17 जिलों में मानसून प्रवेश कर चुका है। लेकिन बाकी बचे इलाकों के लोगों को 
  • अभी मानसून की झमाझम बारिश का इंतजार करना पड़ेगा। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली का न होना है।
  • इंदौर, जबलपुर समेत 17 जिलों में रविवार को मानसून ने प्रवेश कर चुका है।
भोपाल। खंडवा में तीन दिन से रुका हुआ मानसून अब और बढ़ गया है। इंदौर, जबलपुर समेत 17 जिलों में रविवार को मानसून ने प्रवेश कर चुका है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक भले ही मानसून ने राज्य को कवर करना शुरू कर दिया हो, लेकिन पूरे राज्य में झमाझम बारिश के लिए लोगों को एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसका कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली का न होना है। वहीं रविवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मलजखंड में 17, गुना में 15, ग्वालियर में 13.5, सिवनी में 11, दमेह में सात, धार में तीन, छिंदवाड़ा, उज्जैन में एक मिलीमीटर बारिश हुई और इंदौर में बस बूंदाबांदी होकर ही रह गई।
मौसम विज्ञानी पीके साहा के अनुसार अलग-अलग जगहों पर बने मौसम प्रणालियों के कारण नमी मिल रही है। इससे मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार-मंगलवार को भी शहडोल, सागर, जबलपुर, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, रीवा, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में तेज हवा के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, खरगैन, झाबुआ, रतलाम, डिंडरी, अनूपपुर, मंडला, राजगढ़, नीमच और मंदसर जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में मानसून का प्रवेश
दक्षिण पश्चिम मानसून ने रविवार को बड़वानी, धार, खरगैन, इंदौर, देवास, सेहर, नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडरी, अनूपपुर और उमरिया में प्रवेश कर लिया है।
क्या कहना है मौसम विज्ञानी का
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने कहा कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के ऊपर एक ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय है। पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा पूर्व से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तरी बंगाल, असम तक और मणिपुर तक फैली हुई है। चक्रवात दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और हरियाणा के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। हरियाणा के ऊपर बने चक्रवात से अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। विदर्भ से तमिलनाडु तक भी एक ट्रफ लाइन बनी है। विभिन्न स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आ रही नमी के कारण राजधानी समेत राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश हो रही है। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट आई है।