पंचायत प्रत्याशियों को डरा रहा भदनपुर पहाड़ का बैंक मैनेजर : -पारस नाथ तिवारी

Scn news india

दिवाकर पांडेय 

मैहर।कहने के लिए मप्र में अचार संहिता भले ही लागू हो लेकिन उसके परिपालन की अनदेखी में शासन से मान्यता प्राप्त संस्थान और रजिस्टर्डो की बकायदा बल्ले बल्ले ही है उन्हे निर्वाचन,उम्मीदवार और अचार संहिता जैसे गंभीर विषय की अहमियत से कोई लेना देना नही है।
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन मे भाग ले रहे प्रत्याशी इस आशय से स्वयं सकपकाए हुए हैं कि भूल से भी उनसे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित मापदंडों का उल्लंघन न हो जाए,लेकिन जब किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा आयोग से इतर मनगढ़ंत आचार संहिता की रचना कर प्रत्याशियों को भयभीत किया जाए तब ऐसा माहौल निर्मित करने वालों पर भी निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए । मामला मैहर विधानसभा के सर्किल बदेरा अंतर्गत भदनपुर पहाड़ स्थित मध्यांचल ग्रामीण बैंक से ताल्लुक रखता है जहां पदस्थ तत्कालीन ब्रांच मैनेजर द्वारा प्रत्याशियों को केसीसी की बकाया राशि जमा न करने पर संबंधितों के नाम निर्देशन पत्र निरस्त कराने और निर्वाचन लड़ने में अयोग्य घोषित कर दिए जाने की धमकी दी जा रही है।उक्त आशय का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह संयोजक (खेल प्रकोष्ठ) पारसनाथ तिवारी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अहर्ताओं से अतिरिक्त निजी नियमावली का रचनाकार कथित ब्रांच मैनेजर अपने चहेते दलालों के इशारे पर केसीसी के बकायादारों पर रौब दिखा रहा है जो आदर्श आचरण संहिता व निर्वाचन नियमावली एवम् विधि के विपरीत अपराधिक आचरण अंतर्गत आता है जब किसी प्रत्याशी के निजी हित साधन की दूषित मंशा के चलते किसी उम्मीदवार अथवा मतदाता पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से धमकी , भय अथवा दबाव बनाने तथा लोकदृष्टि में उसे तौहीन करने की भावना अथवा किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन की संभावना पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के उद्देश्य से उसके व्यक्तिगत आचरण और चरित्र या उम्मीदवारी के संबंध में ऐसे कथन/संवाद या समाचार का प्रकाशन कराना जो विधि सम्मत न हो।
श्री तिवारी ने आगे कहा कि राजस्व मंडल भदनपुर पहाड़ अंतर्गत आने वाली समस्त ग्राम पंचायतों में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान संपन्न कराने की दृष्टि से कथित बैंक मैनेजर को तत्काल हटाया जाना लोकहित में होगा क्योंकि अंचल का किसान बैंक के दलालों की मध्यस्थता के चलते केसीसी ग्राहक के रूप में संबंधित बैंक का बकायादार है तथा निर्वाचन में प्रत्याशी भी है । इस निर्वाचन में बैंक के कथित दलाल भी या तो प्रत्याशी हैं या बकायादार किसानों के विरोध में उनका अपना कोई निजी उम्मीदवार भी है, जिसके चलते संबंधित बैंक मैनेजर के माध्यम से उन्हें डराने और अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है लिहाजा चुनाव लड़ रहे संबंधित बैंक के बकायादारों को कथित बैंक मैनेजर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है।