बैतूल – मशहुर क्रिकेटर नमन ओझा के पिता गिरफ्तार ,नमन पिता को छुड़ाने मुलताई थाने पहुंचे

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

बैतूल -मशहुर क्रिकेटर नमन ओझा के पिता वीके ओझा को गबन के एक मामले में मुलताई पुलिस ने आज  गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वीके ओझा को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। थाने में नमन ओझा भी मौजूद रहे और पिता की जमानत का प्रयास करते रहे। लेकिन जमानत नहीं मिली, जिसके बाद नमन बैतूल की एक होटल में चले गए।

दरअसल, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जौलखेड़ा शाखा में वर्ष 2013 में लगभग सवा करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इस मामले में 2014 में तत्कालीन मैनेजर रहे नमन के पिता विनय ओझा पर एफआईआर हुई थी। वीके ओझा पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज है।

2014 में केस दर्ज होने के बाद से वीके ओझा फरार चल रहे थे। जिनकी पुलिस 8 साल से तलाश कर रही थी। मामले में संलिप्त आरोपियों पर धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 और आईटी एक्ट की धारा 65,66 के तहत केस दर्ज था। मामले में संलिप्त सभी आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है, पुलिस ने सोमवार को वीके ओझा को भी गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था मामला 

वर्ष 2013 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा जौलखेड़ा में पदस्थ बैंक मैनेजर अभिषेक रत्नम पदस्थ थे। अभिषेक ने पदस्थ होने के दौरान साजिश रची और उनका तबादला होने के बाद सफाई कर्मी और अन्य के साथ मिल कर रविवार 2 जून 2013 को लगभग 34 फर्जी खाते खुलवा कर इन पर केसीसी का लोन ट्रांसफर कर लगभग सवा करोड़ रुपए का आहरण कर लिया।

जिस समय यह गबन हुआ तब बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में वीके ओझा शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। पूर्व बैंक मैनेजर अभिषेक रत्नम, विनोद पंवार, लेखापाल निलेश छलोत्रे, दीनानाथ राठौर सहित तत्कालीन मैनेजर वीके ओझा ने गबन की राशि बांट ली।