माफियाओं के विरूद्ध हो सख्त कार्रवाई – कमिश्नर एम बी ओझा

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मनोहर

ग्वालियर -एन्टी माफिया के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत संभाग के सभी जिलों में प्रभावी कार्रवाई की जाए। शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण कर व्यवसायिक उपयोग करने वालों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय माफियाओं के विरूद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। अभियान के तहत किसी भी ऐसे व्यक्ति को जो माफिया की तरह कार्य कर रहे हैं, बख्शा नहीं जाए। संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने बुधवार को मोतीमहल के मानसभागार में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में यह निर्देश दिए हैं।
शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर ग्वालियर श्री अनुराग चौधरी, कलेक्टर शिवपुरी श्रीमती अनुग्रह पी, गुना कलेक्टर श्री भास्कर लक्षकार, अशोकनगर कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा, दतिया कलेक्टर श्री रोहित सिंह सहित सीईओ जिला पंचायत ग्वालियर श्री शिवम वर्मा एवं अन्य जिलों के सीईओ जिला पंचायत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने कहा कि एन्टी माफिया अभियान के तहत भू-माफियाओं के साथ-साथ खनिज माफिया, शराब माफिया, शिक्षा माफिया एवं अन्य क्षेत्र में माफियाओं की तरह कार्य कर रहे लोगों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों में गृह निर्माण समितियों की भी जाँच की जाए और जिन समितियों में अनियमितता पाई जाए, उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने बैठक में सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि औकाफ माफी के जितने भी मंदिर हैं उनसे लगी हुई जमीनों पर विशेष निगरानी की जाए। किसी भी मंदिर की जमीन पर कोई कब्जा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी अगर कब्जा या अतिक्रमण हो तो उसको तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि सभी जिलों में औकाफ की सम्पत्तियों एवं उनसे लगी हुई खुली भूमि की सूची तैयार कर जाँच करा ली जाए। इसके साथ ही शासकीय भूमियों पर ट्रस्ट बनाकर कार्य करने वाले ट्रस्टों के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाए।
बैठक में संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने मिलावट के विरूद्ध सरकार द्वारा चलाए जा रहे शुद्ध के विरूद्ध युद्ध के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों में मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत निरंतर कार्रवाई की जाना अपेक्षित है। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाए। ऐसा करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस प्रकरण भी कायम किए जाएं।
संभागीय आयुक्त श्री एम बी ओझा ने बैठक में राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों का मूल दायित्व राजस्व प्रकरणों का निराकरण और राजस्व वसूली होता है। सभी राजस्व अधिकारी अपने मूल दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उनके जिले में एक वर्ष से अधिक के जितने भी राजस्व प्रकरण लंबित हैं उनका निराकरण अभियान चलाकर करें। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया है कि संभाग के सभी जिलों में ऐसे गाँवों की सूची तैयार करें जो नक्शाविहीन हैं। इसके साथ ही जिन गाँवों की सीमा का विवाद है उनकी सूची भी तैयार करें ताकि भू-अभिलेख कार्यालय के माध्यम से उसको ठीक कराने का कार्य किया जा सके।
बैठक में डायवर्सन की वसूली के संबंध में तय किया गया कि डायवर्सन की वसूली में 10 हजार वर्गफुट तक के क्षेत्र फल वाले लोगों पर 2 प्रतिशत तथा 10 हजार से अधिक वर्गफुट जमीन पर 5 प्रतिशत का अर्थदण्ड लगाने की कार्रवाई की जाए। इससे डायवर्सन की वसूली में तेजी आयेगी और प्रकरणों का निराकरण भी तेजी से होगा। संभाग आयुक्त ने सभी कलेक्टरों से कहा कि अपने-अपने जिले में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर डायवर्सन में अर्थदण्ड लगाने की प्रक्रिया को अपनाएं ताकि पूरे संभाग में एकरूपता हो सके।

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