देश में सबसे गर्म रहा मध्‍य प्रदेश का नौगांव, बौछारें पड़ने की संभावना-जून में सामान्य से कम हाेगी बारिश।

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मौसम विज्ञानियों के अनुसार जून में सामान्य से कम हाेगी बारिश।
Madhya Pradesh Weather Update : भाेपाल । मध्यप्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला बना हुआ है। उधर वातावरण में नमी कम हाेने से प्रदेश के उत्तरी भाग में तापमान में बढ़ाेतरी भी हाे रही है। मंगलवार काे प्रदेश में सबसे अधिक 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में दर्ज किया गया। यह देश भर में सबसे अधिक तापमान रहा। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक अलग-अलग स्थानाें पर बनी चार मौसम प्रणालियाें के असर से नमी आने का सिलसिला बना हुआ है।
इस वजह से जबलपुर, रीवा, शहडाेल संभागाें के जिलाें में कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं। शेष इलाकाें में तापमान में उतार चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। उधर मौसम विज्ञान केंद्र ने जून माह में राजधानी सहित पूरे प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हाेने की संभावना जताई है। हालांकि सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा हाेने के आसार जताए गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून काे आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून गाेवा के पास पहुंच चुका है। उधर अलग-अलग स्थानाें पर बनी मौसम प्रणालियाें से मिल रही नमी के कारण पूर्वी मप्र में कहीं-कहीं बारिश हाे रही है। हालांकि ग्वालियर, चंबल, सागर संभागाें के जिलाें में तापमान में बढ़ाेतरी भी हाे रही है।
ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
वर्तमान में हरियाणा पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिण उत्तर प्रदेश से हाेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। उत्तराखंड पर पश्चिमी विक्षाेभ बना हुआ है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षाेभ ईरान और अफगानिस्तान के बीच सक्रिय है। ट्रफ लाइन के कारण आ रही नमी से मप्र में बादल छा रहे हैं। साथ ही कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं।
सामान्य से अधिक बारिश हाेने की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक जून माह में पूरे मप्र में सामान्य से कम वर्षा हाेने की संभावना है। हालांकि जून से सितंबर तक भी राजधानी सहित मप्र में सामान्य से अधिक बारिश हाेने के अासार हैं। जून माह में मप्र में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे तथा न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम रहने की संभावना है।