अंततः सीसीएस ने भैंसदेही के विवादित रेंजर को हटाया

Scn news india

धनराज साहू ब्यूरो रिपोर्ट

आदिवासी को बंधक बनाकर उसके साथ अभद्रता करने के मामले में जांच दल गठित कर 3 दिन में मंगाई रिपोर्ट।

 

भैंसदेही के विवादित रेंजर के द्वारा क्षेत्र के आदिवासी को जबरन बंधक बनाकर उसके साथ अभद्रता करने के मामले में क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने रेंजर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था तथा रेंजर को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। वही कांग्रेस भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को कोस रही थी। विवादित रेंजर के खिलाफ कार्रवाई में हो रहे विलंब के कारण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी थी। अंततः सीसीएफ श्री अनिल कुमार सिंह ने विवादित रेंजर अमित सिंह चौहान को भैंसदेही से हटाकर उत्तर वन मंडल में अटैच कर दिया है।


सीसीएफ श्री अनिल कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्पादन डीएफओ एस. के. एस तिवारी की अध्यक्षता में जांच दल गठित कर 3 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच दल में जेएल जोनवार एसडीओ मुलताई एवं जीपी कुदारे एसडीओ (सा.) को भी शामिल किया गया है। जांच दल 3 दिनों में अपनी रिपोर्ट सीसीएफ के समक्ष प्रस्तुत करेगा। तदोपरांत रेंजर के विरुद्ध ठोस कार्यवाही की जाएगी।
सीसीएफ ने माना है कि दिनांक 8 मई 2022 को ग्राम लोकलदरी में कक्ष क्रमांक आर.एफ. 778 के अंतर्गत अपराधी भीमराव पिता गुम्बा द्वारा सागौन वृक्षों के गर्डल कर जलाने के उपरांत रेंजर अमित सिंह चौहान द्वारा अपराधी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही ना करते हुए अपराधी को वन परीक्षेत्र कार्यालय भैंसदेही में बंद किया गया। प्रकरण में अमित सिंह चौहान द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन न करते हुए स्वप्रेरणा से प्रकरण में कार्रवाई की गई । जिससे स्थानीय ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। सीसीएफ द्वारा विवादित रेंजर अमित सिंह चौहान (परिविक्षाधीन वन क्षेत्रपाल) वन परीक्षेत्र अधिकारी भैंसदेही (सा.) को अस्थाई रूप से भैंसदेही परिक्षेत्र (सा.) से हटाकर विशेष कर्तव्यस्थ उत्तर बैतूल (सा .) वन मंडल में पदस्थ किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेंजर के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही होगी। पीड़ित पक्ष एवं क्षेत्रवासियों ने विवादित रेंजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।