चिल्कापुर के बीपीएल धारियों के नाम काटने के तहसीलदार के आदेश पर एसडीएम ने लगाई रोक

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धनराज साहू ब्यूरो रिपोर्ट

शासन के आदेश के बिना भैंसदेही के तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार द्वारा चिल्कापुर,गुदगांव के बीपीएल धारियों के बीपीएल के भौतिक सत्यापन हेतु आरआई एवं पटवारी का दल गठित कर जांच करने के आदेश दिए गए थे। जांच दल द्वारा भारी अनियमितता बरतते हुए मौके पर वास्तविकता का परीक्षण किए बगैर वास्तविक स्थिति से भिन्न मनमानी पूर्वक गलत सलत जानकारी भरकर ग्राम के लगभग 35 लोगों को जबरन अपात्र कर दिया गया था। जिसमें मरे हुए लोगों को भी जीवित दर्शाते हुए जांच प्रपत्र भरे गए थे। वहीं एक परिवार के दो -दो जांच प्रपत्र भरे गए थे जिसमें एक प्रपत्र में उस परिवार को पात्र तो दूसरे प्रपत्र में अपात्र बताया गया था। जांच प्रपत्र के 13 बिंदुओं में भी मनमानी तौर पर गलत गलत जानकारी भरकर जबरन लोगों को अपात्र किया गया था। अंको के जोड़ में भी भारी अनियमितताएं बरती गई थी। जांच टीम के जांच प्रतिवेदन की सूक्ष्मता से परीक्षण किए बगैर तथा अनावेदकों को सुनवाई का अवसर दिए बगैर तहसीलदार द्वारा दोषपूर्ण आदेश पारित किया गया था। जांच टीम की घोर लापरवाही एवं मनमानी पूर्ण कार्यवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पीड़ित लोगों के द्वारा क्षेत्रीय सांसद श्री दुर्गादास उईके, पूर्व सांसद श्री हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक श्री धरमूसिंग सिरसाम, कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैस एवं एसडीएम श्री केसी परते को ज्ञापन सौंपकर आरआई एवं पटवारी को निलंबित किए जाने की मांग की गई थी। प्रस्तुत अपील प्रकरण का अवलोकन कर उसकी गंभीरता को देखते हुए तथा पीड़ित पक्षकार के अधिवक्ता धनराज साहू, मारोती बारस्कर व राम राने के तर्क सुनने के बाद भैंसदेही के संवेदनशील एसडीएम श्री केसी परते ने भैंसदेही तहसीलदार के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अनावेदक गणों को न्याय मिलने पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया है।