अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ चुनाव कराना मेरे मुख्यमंत्रित्व काल का सबसे सुखद कार्य : मुख्यमंत्री श्री चौहान

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मनोहर 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मेरे सम्पूर्ण मुख्यमंत्रित्व काल का सबसे सुखद कार्य, स्थानीय निकायों के चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ कराने पर सहमति बनाना रहा है। हमने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का संकल्प विधानसभा में पारित कर हरसंभव प्रयास किया। वर्ष 1977 में मंडल कमीशन के गठन के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की दिशा में कार्य शुरू हुआ था। राज्य में पिछली सरकारें न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करने में गंभीर नहीं रही। हमारी सरकार ने ओबीसी आरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास किया है। ट्रिपल टेस्ट के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया। अंतत: सत्य की विजय हुई और प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ चुनाव का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए ऐतिहासिक निर्णय के संदर्भ में प्रदेश के सम्पूर्ण पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास में हुए इस कार्यक्रम में गृह, जेल, संसदीय कार्य तथा विधि-विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण तथा नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री श्री ब्रजेंद्र सिंह यादव, लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री सुरेश धाकड़, आयोग के सदस्य विधायक श्री प्रदीप पटेल, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर तथा पिछड़ा वर्ग के विभिन्न संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मंत्र है “सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास।” मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण और विकास के लिए समर्पित है। हमारा ध्येय सामाजिक न्याय-सामाजिक समरसता के साथ है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा ट्रिपल टेस्ट की वार्डवार रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में प्रत्येक निकाय में ओबीसी की स्थिति को लेकर तथ्यात्मक जानकारियाँ संकलित की गईं। आयोग के सदस्यों के गहन अध्ययन और विभिन्न जिलों के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा व्यापक दौरे और सर्वे कर संकलित आंकड़ों के आधार पर ही यह तार्किक रिपोर्ट विकसित हो पाई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वक्तव्य देने के लिए मुझे डावोस आमंत्रित किया गया था, परंतु प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को न्याय दिलाना मेरे लिए सर्वोपरि था। पिछड़ा वर्ग के हितों का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। न्यायालय में मजबूती के साथ पुन: पक्ष रखने के लिए मैंने अपनी विदेश यात्रा निरस्त की। राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब स्थानीय निकायों में आबादी के अनुसार आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अन्य पिछड़ा वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जो रोड मैप बनाया है, उसका अनुसरण अन्य राज्य भी करेंगे।

मध्यप्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग का संरक्षण और विकास, आयोग की प्राथमिकता है। आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट, राज्य सरकार की इच्छा शक्ति का प्रतीक है। अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के लिए आयोग निरंतर सक्रिय रहेगा। कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह और सांसद खजुराहो श्री वी.डी. शर्मा, ने भी संबोधित किया। अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राम खेलावन पटेल ने कार्यक्रम में सम्मिलित अन्य पिछड़ा वर्ग के विभिन्न संगठन के पदाधिकारियों का स्वागत किया।