बिछिया अस्पताल भगवान भरोसे ,इलाज के लिए भटक रहे मरीज

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योगेश चौरसिया जिला ब्यूरो 

  • बिछिया अस्पताल भगवान भरोसे
  • इलाज के लिए भटक रहे मरीज
  • समय पर नहीं हो रहा है शवों का पोस्टमार्टम
  • प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर व्यस्त दिखते हैं डॉक्टर

मंडला जिले के बिछिया अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था देखने को मिल रही है बिछिया अस्पताल में डॉक्टरों की कमी वैसे तो बरसों से रही है लेकिन विगत कुछ महीनों से समय पर डॉक्टरों से इलाज ना मिलने से कई लोगों की जानें जा रही है वही एक्सीडेंट व अन्य कारणों से मृतकों के शवों का समय पर पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा है जिससे उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है साथ ही वह काफी परेशान हो रहे हैं जानकारी मिली है कि डॉक्टर समय पर अस्पताल पर मौजूद नहीं रहते जिसके कारण स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है ,, वही जूनियर डॉक्टर भी अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं।

ऐसा ही मामला गुरुवार को सुबह से देखने को मिला यहां पर 2 अलग अलग एक्सीडेंट में मृत दो शवों का समय पर पोस्टमार्टम नहीं हो पाया और उनके परिजन परेशान नजर आए । जानकारी लगी कि उन्हें कई किलोमीटर दूर शव ले जाना है।

इसके बाद पता चला कि रात भर शव खुले में पड़े रहे ,,सुबह परिजनों को उम्मीद लगी कि जल्दी पोस्टमार्टम हो जाएगा लेकिन समय पर कोई डॉक्टर नहीं आये इसकी शिकायत कलेक्टर से लेकर एसडीएम से की गई जिसके बाद स्वास्थ अमला जागा और डॉक्टर आये और पोस्टमार्टम हो सका लेकिन इस दौरान मृतकों के परिजन ऐसी परिस्थिति में काफी परेशान नजर आए वैसे ही उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण वे और परेशान नजर आए,
मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री , नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन उनकी योजनाएं जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच पाती है जहां प्रधानमंत्री देश की सभी क्षेत्रों में प्रगति की बात करते है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी लापरवाही पूर्वक कार्य कर रहे हैं जिससे ऐसी स्थिति बनी हुई है कि समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं तो मिलती नहीं साथ ही दुनिया छोड़कर जाने के बाद भी किसी का समय पर पोस्टमार्टम नहीं हो पाता।

प्राइवेट प्रैक्टिस कर पैसा कमाने पर व्यस्त दिखते हैं डॉक्टर
वैसे तो बिछिया में सरकार द्वारा पदस्थ डॉक्टर,, सरकारी तनख्वाह ले रहे हैं लेकिन अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं बीएमओ द्वारा संबंधित डॉक्टर को ड्यूटी दी जाती है लेकिन वह अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं करते। वहीं मुखिया जब अपनी ड्यूटी सही से नही करेगा तो जूनियर तो उनका अनुसरण करेंगे ही , बताया गया कि bmo मुख्यालय से हमेशा नदारत रहे है बहाना है कि अन्य स्थानों का भी प्रभार है तो उच्च अधिकारी व्यवस्था सुधारने क्या कर रहे है?

बिछिया अस्पताल में किस डॉक्टर की ड्यूटी थी और वह अपनी ड्यूटी पर थे या नही यह भगवान जाने , लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर तो नही दिखाई दिए ,,अस्पताल के सामने एक दीवाल पर नजर पड़ी तो वहां पर डॉक्टरों के नाम एक बोर्ड दिखाई दिया जिसमें स्पष्ट दवाखाना लिखा था जिसमें डॉक्टरों के नाम लिखे थे जानकारी लगी की डॉक्टरों द्वारा समय-समय पर दवाखाना जाकर मरीजों का इलाज किया जाता है और उनसे फीस वसूल की जाती है साथ ही लंबी चौड़ी दवाइयों का बिल थमाया जाता है जिसमें कमीशन का खेल बना हुआ है जानकारी मिली है कि यह दवाखाना अवैध तरीके से सरकारी डॉक्टर व दवाई दुकान संचालक चला रहे हैं अब देखते हैं कि जिम्मेदार अधिकारी ऐसी लचर व्यवस्था पर क्या कार्यवाही करते हैं या सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य व्यवस्था देने के दावों की लगातार पोल ऐसे लापरवाह डॉक्टर खोलते रहेंगे।