खेड़ी पंचायत को नहीं मालूम अपनी हदें

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

ग्राम पंचायत खेड़ी सावली गढ़ को नहीं पता है कि अपनी पंचायत की सीमा कहां तक है। काशी तालाब के पास करीब 2 एकड़ भूमि पर भूमाफिया का राज है। कई सालों से फसल बो रहे हैं और मजे मार रहे हैं। लेकिन पंचायत इन सब बातों से अनजान हैं। बता दें कि गांव की सीमा से लगे काशी तालाब का आधा हिस्सा सराड पंचायत मैं आता है और आधा भाग ग्राम खेड़ी सावलीगढ़ पंचायत में आता है।  सराड पंचायत बकायदा उस आधी  भूमि को नीलाम करती है और उसके राजस्व प्राप्त कर रही है ,लेकिन वही जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बावजूद खेड़ी सावली गढ़ पंचायत अपना बड़ा भारी नुकसान कर रही है। खेड़ी ग्राम पंचायत नाही जमीन को नीलाम कर रही है ना वह किसी को ठेके पर दे रही है। उस जमीन पर भूमाफिया मजे मार रहे हैं, ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को इस भूमि के बारे में पता ही नहीं।

मामला 2 एकड़ भूमि का है जिसमें भूमाफिया द्वारा बेधड़क गेहूं और सोयाबीन की फसल बोई जा रही है।  इससे ऐसा लगता है जैसे भूमाफिया एवं सचिव की कोई सांठगांठ होंगी। इसी कारण ऐसे लोग मजे मार रहे हैं। अगर आज उस भूमि को नीलाम किया जाए तो ग्राम पंचायत खेड़ी सावली गढ़ को राजस्व में वृद्धि होगी और कई बेरोजगारों को उसमें रोजगार मिल जाएगा। लेकिन ग्राम पंचायत ऐसा नहीं कर पा रही है यह समझ में नहीं आता कि ऐसा क्यों कर रही है। भू माफिया ने सरकारी जमीन पर अपना पक्का निर्माण भी बना लिया है कुछ समाजसेवी ने इसकी शिकायत एसडीएम व तहसीलदार के पास भी की लेकिन आज तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी।