सही विचार और उसे पूरा करने का संकल्प जीवन बदल देता है – कलेक्टर

Scn news india

कामता तिवारी
संभागीय ब्यूरो रीवा
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  • सही विचार और उसे पूरा करने का संकल्प जीवन बदल देता है – कलेक्टर
  • स्टार्टअप के लिए युवाओं को उचित मार्गदर्शन और पूरा सहयोग दिया जाएगा – कलेक्टर

रीवा-आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में मध्यप्रदेश की नई स्टार्टअप नीति के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। व्यावसायिक प्रबंधन विभाग के सभागार में आयोजित कार्यशाला के मुख्य अतिथि कलेक्टर मनोज पुष्प ने कहा कि व्यक्ति का सही विचार और उसे पूरा करने का संकल्प जीवन बदल देता है। आवश्यकता इस बात की है कि हम विकास के लिए नया आइडिया सामने लाकर उसे पूरा करने के लिए प्रयास करें। पूरा विन्ध्य क्षेत्र उर्वर मस्तिष्क और साहसी तथा परिश्रमी व्यक्तियों का क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की नई स्टार्टअप नीति में सर्वाधिक सफलता इसी क्षेत्र के लोगों को मिलेगी। प्राकृतिक संसाधन, कृषि तथा देश के मध्य में स्थित होने का लाभ भी स्टार्टअप को मिलेगा। स्टार्टअप के लिए रीवा में युवाओं को उचित मार्गदर्शन प्रशिक्षण और पूरा सहयोग दिया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि रीवा बहुत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। रीवा पहले की तुलना में पूरी तरह से बदल गया है, लेकिन अभी इसकी इमेज नहीं बदल पाई है। हम सबको प्रयास करके रीवा की नई इमेज भी बनानी है। रीवा में कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास तेजी से होगा। जिन कृषि उत्पादों की बाजार में मांग है उनकी खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। बांस भविष्य का लकड़ी आपूर्तिदाता है। जिले में बांस मिशन के तहत बड़े पैमाने पर बांस रोपण किया जा रहा है। मुंबई-बनारस औद्योगिक कॉरिडोर मंजूर हो गया है। यह रीवा से होकर गुजरेगा। रीवा में वस्तुओं के भण्डारण का हब बनेगा। यहाँ वेयर हाउस और कोल्ड स्टोरेज के विकास की अपार संभावना है। स्टार्टअप के लिए रीवा में सब कुछ सकारात्मक है। बस साहस के साथ युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रयास करना है।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी कुलपति डॉ. एनपी पाठक ने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप अपनाकर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के प्रयास करने होंगे। यदि हमारा आइडिया ठीक है, लक्ष्य सही है और लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्राणपण से प्रयास करने का संकल्प है तो सफलता अवश्य मिलेगी। तकनीक बदलने के साथ हमें फिर से विकास के नए अवसर नए आयामों के साथ तलाशने होंगे। कार्यशाला में महाप्रबंधक उद्योग यूबी तिवारी ने रीवा जिले के उद्यम की संभावना तथा नई स्टार्टअप नीति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नीति 2019 में बनाई गई थी। इसे नए रूप में नए प्रावधानों के साथ 2022 में पुन: लागू किया जा रहा है। युवाओं को स्टार्टअप का अवसर देने के लिए एपीएस यूनिवर्सिटी का व्यावसायिक प्रबंधन विभाग इन्क्यूवेशन सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है। स्टार्टअप का आशय है कि ऐसा नया उद्यम जिसमें अच्छी आय और रोजगार के पर्याप्त अवसर हों। स्टार्टअप का पंजीयन होना आवश्यक है। नई नीति में स्टार्टअप अपनाने वाले को वित्तीय और गैर वित्तीय दोनों तरह का सहयोग और मार्गदर्शन देने का प्रावधान है। रीवा जिले में कृषि तथा खाद्य प्रसंस्करण में दो सौ प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। स्टार्टअप का पेटेंट कराने के लिए पांच लाख तथा प्रशिक्षण के लिए भी पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। स्टार्टअप के साथ-साथ युवाओं को एमएसएमई का अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है।

कार्यशाला में व्यावसायिक प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल पाण्डेय ने कहा कि भारत और चीन बड़ी जनसंख्या वाले दो बड़े देश हैं। चीन में स्टार्टअप की भरमार है। वहाँ की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर देने का प्रमुख साधन स्टार्टअप हैं। भारत में जितना संसाधन उपलब्ध है वहाँ चीन से भी अधिक स्टार्टअप संभव है। रीवा में स्टार्टअप के लिए सुपाड़ी के खिलौने, साबुन निर्माण, आदिवासी चित्रकला तथा सोलर पैनल निर्माण जैसे कार्य लिए जा रहे हैं। प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति उद्यमशील युवाओं को पूरा अवसर और सहयोग देगी। कार्यशाला में प्रोफेसर रहस्यमणि मिश्रा, डॉ. नलिन दुबे, प्रोफेसर पीके राय, अन्य प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।